Миёни маҷлиси риндони ҳадис фардо нест

میان مجلس رندان حدیث فردا نیست

Биор бода ки ҳоли замона пайдо нест

بیار باده که حال زمانه پیدا نیست

Дар ҷавоб ӯ

در جواب او

Чу дар замири ман ин дам ба ғайр гипо нест

چو در ضمیر من این دم به غیر گیپا نیست

зи шавқи каллаи бирён ба ҳеҷ парво нест

ز شوق کله بریان به هیچ پروا نیست

Ба хон атъима аз худ магӯӣ нони шъир

به خوان اطعمه از خود مگوی نان شعیر

Ки нозро нхрнд аз касе ки зебо нест

که ناز را نخرند از کسی که زیبا نیست

Миёни даъвати султон нигоҳ ме кардам

میان دعوت سلطان نگاه می کردم

Яке ба сиккау сӯрат чу шоҳ бғро нест

یکی به سکه و صورت چو شاه بغرا نیست

Марӣз ҷўъ шудам эй ҳакими Фрмоӣид

مریض جوع شدم ای حکیم فرمائید

Ки ғайри нони мзъФри маро мудово нест

که غیر نان مزعفر مرا مداوا نیست

Агар чаҳ меъдаи пар аз қалияасту нону асал

اگر چه معده پر از قلیه است و نان و عسل

Магӯ магӯӣ ки рағбати маро ба ҳалво нест

مگو مگوی که رغبت مرا به حلوا نیست

Куҷои рӯм ба ки гӯям ба ғайри матбахён

کجا روم به که گویم به غیر مطبخیان

Чу ғайри нону кабоби ин замон таманно нест

چو غیر نان و کباب این زمان تمنا نیست

Нигоҳ кун ки ба олам ба саҳни қалияи биринҷ

نگاه کن که به عالم به صحن قلیه برنج

Касе чу сӯфии мискини асир ва шайдо нест

کسی چو صوفی مسکین اسیر و شیدا نیست