Агар ба ҷониб ғурбат кашад дилам шояд

اگر به جانب غربت کشد دلم شاید

Ки буии хайр аз ин ҳамдамон наме ояд

که بوی خیر از این همدمان نمی آید

Дар ҷавоб ӯ

در جواب او

Агар ба ҷониб бғро кашад дилам шояд

اگر به جانب بغرا کشد دلم شاید

Ки буии қалияи зокро ва нон наме ояд

که بوی قلیه زاکرا و نان نمی آید

Буд ки каллаи паз аз ҳол ман шавад огоҳ

بود که کله پز از حال من شود آگاه

Дар он замон ки сари дег хеш бигушоед

در آن زمان که سر دیگ خویش بگشاید

Агар чаҳ гӯшт буд дар ҷаҳон навой Наим

اگر چه گوشت بود در جهان نوای نعیم

Ҷамоли нони тнки суфраро биорояд

جمال نان تنک سفره را بیاراید

Гуруснаи халқ ва ба суфра , таоми ломўҷўд

گرسنه خلق و به سفره، طعام لاموجود

Балои ҷон буд эй дил худоӣ нанамояд

بلای جان بود ای دل خدای ننماید

Дар он замон ки кунад матбахии таоми нисор

در آن زمان که کند مطبخی طعام نثار

Буд ки сӯфии мискин ба хотираш ояд

بود که صوفی مسکین به خاطرش آید