Ваа чаҳ хуш бошад дар айёми баҳор
وه چه خوش باشد در ایام بهار
Бодаи гулгуну соқии глъзор
باده گلگون و ساقی گلعذار
Дар ҷавоб ӯ
در جواب او
Саҳни бғроӣӣ ки бошад сайри дор
صحن بغرائی که باشد سیر دار
Гар биёбӣ вақтро фурсати шумор
گر بیابی وقت را فرصت شمار
Гарда ҳои медаҳ маҳбӯб ман аст
گرده های میده محبوب من است
Хуш буд маҳбӯби ёрон дар канор
خوش بود محبوب یاران در کنار
Шуд ниҳон дар қанди рухсори биринҷ
شد نهان در قند رخسار برنج
Ма шавад пинҳон чу пайдо шуд ғубор
مه شود پنهان چو پیدا شد غبار
Гуфт аз гипои шамеми ман ба аст
گفت از گیپا شمیم من به است
Зин хато шуд рӯи сияҳи машки ттор
زین خطا شد رو سیه مشک تتار
Дона ангур созад тозаи ҷон
دانه انگور سازد تازه جان
Ин сухани дурусти андари гӯши дор
این سخن درست اندر گوش دار
То бидидам шарбати қанду гулоб
تا بدیدم شربت قند و گلاب
Дар хуморам , оби сардам аз хумор
در خمارم، آب سردم از خمار
Баҳраҳо ёбии ту аз хон нъм
بهره ها یابی تو از خوان نعم
Гар дар оӣии ҳамчуи сӯфии мрдўор
گر در آئی همچو صوفی مردوار