Он кас ки рӯзро ба фироқи ту шаб кунад
آن کس که روز را به فراق تو شب کند
Гар дар ғами ту зинда бимонад аҷаб кунад
گر در غم تو زنده بماند عجب کند
Аз туфу тоби ишқи дили ман ба ҷон расед
از تف و تاب عشق دل من به جان رسید
Роҳати куҷо буд баданиро ки таб кунад
راحت کجا بود بدنی را که تب کند
Зоҳид агар ба хоб бибинад лаби туро
زاهد اگر به خواب ببیند لب ترا
Дар кунҷи савмиъа , май ҳмро талаб кунад
در کنج صومعه، می حمرا طلب کند
Айшӣ ки ошиқон ба ғамаш дар ҷаҳон кунанд
عیشی که عاشقان به غمش در جهان کنند
Хусрави куҷо ба маҷлиси худ он тараб кунад
خسرو کجا به مجلس خود آن طرب کند
Дӯшина ҳар ки лоф зад аз тори зулф ӯ
دوشینه هر که لاف زد از تار زلف او
Зонш ба гӯшмол , мғнӣ адаб кунад
زآنش به گوشمال، مغنی ادب کند
Аз шавқи чашми масти ту кони айн фитна аст
از شوق چشم مست تو کان عین فتنه است
Шайхи замонаи майл ба об ънб кунад
شیخ زمانه میل به آب عنب کند
Сӯфии мустаманди зи савдои лаъли ёр
صوفی مستمند ز سودای لعل یار
Уннобро бабўсаду майл рутаб кунад
عناب را ببوسد و میل رطب کند