Гули наврустаи ман азм чаман дорад боз
گل نورسته من عزم چمن دارد باز
намекунад рӯҳу равон дар ақаб ӯ парвоз
می کند روح و روان در عقب او پرواز
На манам моили он ҳалқаи гесу танҳо
نه منم مایل آن حلقه گیسو تنها
Ҳамаи касро ба ҷаҳон ҳаст ҳаваси умри дароз
همه کس را به جهان هست هوس عمر دراز
Ҳар шабии сӯзи дил хеш бигӯям бо шамъ
هر شبی سوز دل خویش بگویم با شمع
Пеш ӯ нест чу равшани сифати сӯзу гудоз
پیش او نیست چو روشن صفت سوز و گداز
Накунад мурғи дилами ҷузи сркўиши манзил
نکند مرغ دلم جز سرکویش منزل
Ҳамчуи шоҳин ки ба сари панҷа шаҳ ояд боз
همچو شاهین که به سر پنجه شه آید باز
намекунад майл ба он тоқи ду абрӯи обид
می کند میل به آن طاق دو ابرو عابد
Рӯй оранд ба миҳроби балии аҳли намоз
روی آرند به محراب بلی اهل نماز
То ту аз банди худ озод нагардӣ чун не
تا تو از بند خود آزاد نگردی چون نی
Нашӯй муҳаррами асрор ва нагардӣ дмсоз
نشوی محرم اسرار و نگردی دمساز
Хости сӯфӣ ки кунад рози дили худ ниҳон
خواست صوفی که کند راز دل خود نهان
Ашк хӯнӣаст дамодам шуда ӯро ғаммоз
اشک خونی است دمادم شده او را غماز