Ваа ки ҷонами гашт чун аз дард бе ороми дӯст

وه که جانم گشت چون از درد بی آرام دوست

Соқио Лутфӣ бикун ҷомӣ бидиҳ бо номи дӯст

ساقیا لطفی بکن جامی بده با نام دوست

Монда бар бодоми чашмонаши даҳони пистаи боз

مانده بر بادام چشمانش دهان پسته باز

Ҳамчуи ман афтодаи мискин чун кунад бодоми дӯст

همچو من افتاده مسکین چون کند بادام دوست

намекунам ҷонро нисори мақдами маймун ӯ

می کنم جان را نثار مقدم میمون او

Гар ба ман пайки сабои оради дамии пайғоми дӯст

گر به من پیک صبا آرد دمی پیغام دوست

Ҳар замони тири хаданги ғамза бар ҷонам занад

هر زمان تیر خدنگ غمزه بر جانم زند

Миннати эзадро ки ҳрдм мерасад пайғоми дӯст

منت ایزد را که هردم می رسد پیغام دوست

Ҷон агар бошад муроди дӯст эй пайки аҷал

جان اگر باشد مراد دوست ای پیک اجل

Рез дар дами хӯни ман то хуш барояд коми дӯст

ریز در دم خون من تا خوش برآید کام دوست

Аз ғубори он замини чашми марои пар нур кун

از غبار آن زمین چشم مرا پر نور کن

эй сабо чун бигузарӣ домани кашон бар боми дӯст

ای صبا چون بگذری دامن کشان بر بام دوست

намеравад сӯфии зднё , венаи таманно дар сараш

می رود صوفی زدنیا، وین تمنا در سرش

То кунад ҷонро нисори имрӯз бар иқдоми дӯст

تا کند جان را نثار امروز بر اقدام دوست