Зар талаб кард зи ман он санами сими андом

زر طلب کرد ز من آن صنم سیم اندام

Ки бқд сарв равонасту брхи моҳи тамом

که به قد سرو روانست و به رخ ماه تمام

Чеҳра бинмудам ва гуфтам бсзои ғами ту

چهره بنمودم و گفتم به سزای غم تو

Задам ин зар бъёр надаму меҳру муллоам

زدم این زر به عیار ندم و مهر و ملام

Ҳамаи ҷогар ки баноми маликон зар зада анд

همه جا گر که به نام ملکان زر زده‌اند

Ман чунин зар задам имрӯзи баноми ту ғулом

من چنین زر زدم امروز به نام تو غلام

Аз ман ин зар ки баноми ту баромад бипазир

از من این زر که به نام تو برآمد بپذیر

Гар ту ин зар напазирӣ напазирад зрном

گر تو این زر نپذیری نپذیرد زر نام

Чу назару чеҳра бар онгуна ки зар чеҳра диҳад

چون زر و چهره بر آنگونه که زر چهره دهد

Ки надодами бсршкӣ чу гулоби глФом

که ندادم به سرشکی چو گلاب گلفام

Хуш бихандед ва маро гуфт бад-ӣн зар нашавад

خوش بخندید و مرا گفت بدین زر نشود

На марои сохтаи кор ва на турои сӯхтаи фом

نه مرا ساخته کار و نه ترا سوخته فام

Зари чунон бояд каз ту бабрам сарф кунам

زر چنان باید کز تو ببرم صرف کنم

Бклоаҳу бкмр ё бркобу бом

به کلاه و به کمر یا به رکاب و بستام

Басари теғи забони зари диҳӣ аз чеҳраи маро

به سر تیغ زبان زر دهی از چهره مرا

Бчнин зар нашавад теғи муродати бнём

به چنین زر نشود تیغ مرادت بنیام

Бзри пухтаи сурх ар сухании гўӣии гӯй

به زر پخته سرخ ار سخنی گوئی گوی

Вар на гуфтори ту чун сим сипед ояд хом

ور نه گفتار تو چون سیم سپید آید خام

Сухани пухтаи ман хоми ҳам аз безарӣ аст

سخن پخته من خام هم از بی زری است

Нек донад сухани пухтаи ман хоҷаи эмом

نیک داند سخن پخته من خواجه امام

Саъди дайни асъади масъӯд каз асҳоби ҳадис

سعد دین اسعد مسعود کز اصحاب حدیث

зи сухани зари бчконди бгаҳи фиқҳу калом

ز سخن زر بچکاند به گه فقه و کلام

Гоҳи бурҳони кифояти неи заррини тан ӯ

گاه برهان کفایت نی زرین تن او

Баҳам андар шаканд найзаи золи зару сом

به هم اندر شکند نیزهٔ زال زر و سام

Онхдоўнд ки чндонкаҳи тавон гуфтани зар

آن خداوند که چندان که توان گفتن زر

Нагирифтааст зари андари кафи родаши ором

نگرفته است زر اندر کف رادش آرام

Кафи родаши бсФти ҳамчуи ғмомсти акр

کف رادش به صفت همچو غمامست اگر

Басари соили борон зар ояд зи ғмом

به سر سائل باران زر آید ز غمام

Бҳўои карам ӯ базмин аз парвоз

به هوای کرم او به زمین از پرواز

Мурғи заррин салбед чу наад соили дом

مرغ زرین سلب اید چو نهد سائل دام

наменагирад зи карам то ки ббхшидни зар

می‌نگیرد ز کرم تا که ببخشیدن زر

Иллат мастӣ бунаанд барон садри гароам

علت مستی بنهند بر آن صدر گرام

Ҳар ки мегирад бар ёди ҷавонмардӣ ӯ

هر که میگیرد بر یاد جوانمردی او

Бар кафши қҳФ суфолина шавад заррини ҷом

بر کفش قحف سفالینه شود زرین جام

Писари заргари азуи душмани зрбхш вай аст

پسر زرگر ازو دشمن زربخش وی است

Ки биҷузи бахшиш зар нест варои тӯҳмату ком

که بجز بخشش زر نیست ورا تهمت و کام

Ҳаст зрдўсти чунон ҳосиди ҷоҳаш ки бтбъ

هست زردوست چنان حاسد جاهش که به طبع

Хештани бикашад чун дид зарандудии ҷом

خویشتن بکشد چون دید زراندودی جام

Сомрии зари ситад аз ому ҷавоҳир ки бсҳр

سامری زر ستد از عام و جواهر که به سحر

Кард гӯсола ва кушед бгмроҳии ом

کرد گوساله و کوشید به گمراهی عام

Ёбад аз гови заррин ӯ бҷўоҳри мамлу

یابد از گاو زرین او به جواهر مملو

Ҳама бар ом кунад баҳраи чунон чун баҳром

همه بر عام کند بهره چنان چون بهرام

Бсҷл монад доими ду кафи соил ӯ

به سجل ماند دایم دو کف سائل او

Бас каз ӯ зари бкФи оради блёлу айём

بس کز او زر به کف آرد به لیال و ایام

Дар дилаши хӯн чу зар аз бута бҳўш ояд агар

در دلش خون چو زر از بوته به حوش آید اگر

Ситамӣ бинад бар иктн аз аҳли ислом

ستمی بیند بر یک تن از اهل اسلام

То бидонанд ки ин шеъри ман андар ҳақ ӯст

تا بدانند که این شعر من اندر حق اوست

Заргарӣ кардам дар мадҳати он садри аном

زرگری کردم در مدحت آن صدر انام

Шеъри зари болои венаи шеър агар пеш наад

شعر زر با لاوین شعر اگر پیش نهد

Ин аз он боз надонад бтклФ ки кадом

این از آن باز نداند به تکلف که کدام

Ман чу дар мадҳат ӯ зар сухан кардам сарф

من چو در مدحت او زر سخن کردم صرف

ӯ кунад зари сахо дар ҳақи модҳи анъом

او کند زر سخا در حق مادح انعام

То бҳнгоми хазон бо бар авроқи дарахт

تا به هنگام خزان باد بر اوراق درخت

Заргарӣ созад ва имрӯз расед онҳнгом

زرگری سازد و امروز رسید آن هنگام

Бод аз боди хазону ғами андешау дард

باد از باد خزان و غم اندیشه و درد

Рухи ҳсодш чун барги зарандуди мудом

رخ حسادش چون برگ زراندوده مدام