Басар ҳар суханиро ки ибтидо кардам

بسر هر سخنی را که ابتدا کردم

Дурусту рости чунон дон ки ман адо кардам

درست و راست چنان دان که من ادا کردم

Бисӯз синаи фарзандат эй вале неъмат

بسوز سینه فرزندت ای ولی نعمت

Ҳакими вор сано гуфтам ва дуо кардам

حکیم وار ثنا گفتم و دعا کردم

Пас аз дуоу сано аз атои брондми лафз

پس از دعا و ثنا از عطا براندم لفظ

Бҳкми дӯстии он шартро вафо кардам

بحکم دوستی آن شرط را وفا کردم

Ҳар он сухан ки ту гуфтӣ ва бо ту гуфт касе

هر آن سخن که تو گفتی و با تو گفت کسی

Бар он сухани зиҳу аҳсант ва марҳабо кардам

بر آن سخن زه و احسنت و مرحبا کردم

Савоб рафт ҳама гуфт ва кард мари лекин

صواب رفت همه گفت و کرد مر لیکن

Магар бахона бирафтам ҳамин хато кардам

مگر بخانه برفتم همین خطا کردم

Умеди ҷбаҳу дастори доштам аз ту

امید جبه و دستار داشتم از تو

зи музеии гум шудани умедро ҳбо кардам

ز موزه گم شدن امید را هبا کردم

Дар он хумор ки бе муваллиди ман бахонаи рӯм

در آن خمار که بی مولد من بخانه روم

Бҳкми дилтангии перҳан қабо кардам

بحکم دلتنگی پیرهن قبا کردم

зи баҳри хор шудан ёфтам мараз гуфтӣ

ز بهر خار شدن یافتم مرض گفتی

Ки гирди наълаш дар дида тўтё кардам

که گرد نعلش در دیده توتیا کردم

Чу пойҳои ман аз музеии гашти бегона

چو پایهای من از موزه گشت بیگانه

Биҷаҳаду ҳила дарон кафшаш ошно кардам

بجهد و حیله دران کفشش آشنا کردم

Нахусти гом ки беруни ниҳодам аз сари кӯй

نخست گام که بیرون نهادم از سر کوی

Миёни барфу гулу лой ошно кардам

میان برف و گل و لای آشنا کردم

Чаҳор пой бахона шудам ду поем буд

چهار پای بخانه شدم دو پایم بود

Ду пои дигар аз сарв аз Асо кардам

دو پای دیگر از سرو از عصا کردم

Бахона рафтам ороста чу шаҳ бифурӯш

بخانه رفتم آراسته چو شه بفروش

Чунонкии шаҳрии мардуми бад-ӣн гўо кардам

چنانکه شهری مردم بدین گوا کردم

Асои занони бсрои ту омадами пас азон

عصا زنان بسرای تو آمدم پس ازان

Вази ин сухани бсрои ту дар Нидо кардам

وز این سخن بسرای تو در ندا کردم

Бахона рафтам ва гуфтам ки зиҳи фармӯда

بخانه رفتم و گفتم که زه فرموده

Бар аҳли хонаи худ зарқ ва кимиё кардам

بر اهل خانه خود زرق و کیمیا کردم

Ту кимиёии зарии кимиёии зарқи мисам

تو کیمیای زری کیمیای زرق مسم

Чу зари пухтаи сухан аз ту кимиё кардам

چو زر پخته سخن از تو کیمیا کردم

Баҳоии музей ва ҷўрб фиристу кавкаби дил

بهای موزه و جورب فرست و کوکب دل

Ҳбост назд ту инҳо ки ман баҳо кардам

هباست نزد تو اینها که من بها کردم

Баҳоии ин ҳамаи наздики ту ҳбост ва гар

بهای این همه نزدیک تو هباست و گر

Басем хеши хуррами хештан ҳбо кардам

بسیم خویش خرم خویشتن هبا کردم

Манам ягона ки дар боғи ҷӯади ту ҳамаи сол

منم یگانه که در باغ جود تو همه سال

Ҳаме ниёз хиромедам ва чаро кардам

همی نیاز خرامیدم و چرا کردم

зи баҳраи музеии гули кӯб чун гули бўё

ز بهره موزه گل کوب چون گل بویا

Қасида гуфтаму донеи ҷузи ин чаро кардам

قصیده گفتم و دانی جز این چرا کردم

Бақои умри ту ҷовиди хостами зини ҳасб

بقای عمر تو جاوید خواستم زین حسب

Бнзм аз паии ҷовидӣ бақо кардам

بنظم از پی جاویدی بقا کردم