Баргир меҳр аз онкии бкоми дил ту нест

بَرگیر مِهْر از آن‌که به کامِ دلِ تو نیست

Бркни дил аз касе ки дилаши моил ту нест

بَرکَن دل از کسی که دلش، مایلِ تو نیست

То чанд гўӣим ки бхўбон мабанд дил

تا چند گویی‌ام که به خوبان مَبَنْد دل؟

Носеҳи туро чикор ? дили ман , дил ту нест !

ناصح، تو را چه کار؟ دلِ من، دلِ تو نیست!

Додӣ навиди васлам ва хурсанд нестам

دادی نویدِ وصلم و خرسند نیستم

Бо икдгри яке чу забону дил ту нест

با یکدگر یکی چو زبان و دلِ تو نیست

Раҳ дар дилаш ки сахттар аз санг хора аст

ره در دلش که سخت‌تر از سنگِ خاره است

эй дидаи ғайри гиря ӣ беҳосил ту нест

ای دیده، غیر گریه‌ی بی‌حاصلِ تو نیست

Гуфтӣ ки нест ҷой , касеро бмҳФлм

گفتی که نیست جای، کسی را به محفلم

Ғайр аз табиб , ҷой ки дар маҳфил ту нест ?

غیر از «طبیب»، جایِ که در محفلِ تو نیست؟