Он субҳи умедӣ ки ба даврон ту ёбанд

آن صبح امیدی که به دوران تو یابند

Субҳии сет ки аз чоки гиребон ту ёбанд

صبحی‌ست که از چاک گریبان تو یابند

Ҳиҷрони ту бемаслиҳатӣ нест ки ушшоқ

هجران تو بی‌مصلحتی نیست که عشاق

Қадари шаби васл аз шаби ҳиҷрон ту ёбанд

قدر شب وصل از شب هجران تو یابند

То аҳди вафо бо ту бабанданд ҳарифон

تا عهد وفا با تو ببندند حریفان

эй кош чу ман , сустии паймон ту ёбанд

ای کاش چُو من ، سستیِ پیمانِ تو یابند

Гардии ту гирифтори худ аз завқи асирӣ

گردی تو گرفتار خود از ذوق اسیری

Ёбии ту , агар ончии асирон ту ёбанд

یابی‌ تو ، اگر آنچه اسیران تو یابند

Гирами з чаҳ домони ту , зулмаст ки хорӣ

گیرم ز چه دامان تو، ظلم است که خاری

Овехта бар гӯшаи домон ту ёбанд

آویخته بر گوشه دامان تو یابند

Мо дар чаҳ шуморем ки соҳиби назарон ро

ما در چه شماریم که صاحب‌نظران را

Мафтӯни ҳама аз наргиси фаттон ту ёбанд

مفتون همه از نرگس فتان تو یابند

Як Юсуф агар буд ба зиндони Зулайхо

یک یوسف اگر بود به زندان زلیخا

Сад Юсуф беҷурм ба зиндон ту ёбанд

صد یوسف بی‌جرم به زندان تو یابند

Он захм ки бар дил дар файзӣ бигушоед

آن زخم که بر دل در فیضی بگشاید

Захмии сет ки аз ханҷари пайкон ту ёбанд

زخمی‌ست که از خنجر پیکان تو یابند

Маҳрӯми зӣ эй дил ки ба даврон фалак нест

محروم زی ای دل که به دوران فلک نیست

Комӣ ки ба андозаи ҳурмон ту ёбанд

کامی که به اندازه حرمان تو یابند

Чун синаам аз ханҷар бедод шикофанд

چون سینه‌ام از خنجر بیداد شکافند

Бас бар сари ҳам рехтаи пайкон ту ёбанд

بس بر سر هم ریخته پیکان تو یابند

Дар ҳиҷри табиби ин ҳама бе тобии ?ут аз чист

در هجر طبیب این همه بی‌تابی‌ات از چیست

Он дарди надории ту ки дармон ту ёбанд

آن درد نداری تو که درمان تو یابند