Гуфтӣ ки бо дилати ғами ҳиҷрон чаҳ ме кунад
گفتی که با دلت غم هجران چه میکند
Бод хазон бибин ба гулистон чаҳ ме кунад
باد خزان ببین به گلستان چه میکند
Манъам кунӣ зи гиряи хунин ва бо дилам
منعم کنی ز گریه خونین و با دلم
Огаҳи Не ки ковуши мижгон чаҳ ме кунад
آگه نیی که کاوش مژگان چه میکند
Аз домани висоли ту дастӣ ки кӯтаҳ аст
از دامن وصال تو دستی که کوته است
эй вой агар расад ба гиребон чаҳ ме кунад
ای وای اگر رسد به گریبان چه میکند
Он булбулӣ ки кунҷи ғамии ҳамчу дом ёфт
آن بلبلی که کنج غمی همچو دام یافت
Ин як ду рӯзаи сайри гулистон чаҳ ме кунад
این یک دُو روزه سِیرِ گلستان چه میکند
Домани кашон чу бигузарӣ аз хоки куштагон
دامنکشان چو بگذری از خاک کشتگان
Назора кун ки хӯни шаҳидон чаҳ ме кунад
نظاره کن که خون شهیدان چه میکند
Симини танӣ ки ханда занад бар сафои субҳ
سیمینتنی که خنده زند بر صفای صبح
Дар ҳайратам ки гул ба гиребон чаҳ ме кунад
در حیرتم که گل به گریبان چه میکند
То кӣ табиби тӯҳмати назора май кашӣ
تا کی طبیب تهمت نظاره میکشی
Бо ҳасани ёри дидаи ҳайрон чаҳ ме кунад
با حسن یار دیده حیران چه میکند