На ҳамин зотши ишқати дили мо май сӯзад

نه همین زآتش عشقت دل ما می‌سوزد

Ҳаркиро ҳаст дилӣ , сӯхта ё май сӯзад

هرکه را هست دلی، سوخته یا می‌سوزد

Хоки ин бодияи байн каз қадами гарми равон

خاک این بادیه بین کز قدم گرم‌روان

Бас ки гармаст дар ӯ пои сабо май сӯзад

بس که گرم است در او پای صبا می‌سوزد

Оташи нолаи мо бас ки ҷаҳонро афрӯхт

آتش ناله ما بس که جهان را افروخت

Ҳаркиро майнигарӣ зотши мо май сӯзад

هرکه را می‌نگری زآتش ما می‌سوزد

Маҳфили имшаби зи фурӯғи рухи соқӣ гарм аст

محفل امشب ز فروغ رخ ساقی گرم است

Гули ҷудо , бодаи ҷудо , шамъи ҷудо май сӯзад

گل جدا، باده جدا، شمع جدا می‌سوزد

Хизр агар ғӯта ба сарчашма ҳайвон диҳадам

خضر اگر غوطه به سرچشمه حیوان دهدم

Бас ки дил сӯхтаам оби бақо май сӯзад

بس که دل‌سوخته‌ام آب بقا می‌سوزد

Сояи доғи ҷунун то ба серум афтодаст

سایه داغ جنون تا به سرم افتادست

Гар кунад соя ба ман боли ҳумо май сӯзад

گر کند سایه به من بال هما می‌سوزد

Гашта бо ғайр чаро гарми сухани ёр , табиб

گشته با غیر چرا گرم سخن یار، طبیب

Гарна аз оташ май шарму ҳаё май сӯзад

گرنه از آتش می شرم و حیا می‌سوزد