Ҳаргиз ба ёди мо зар ва гавҳар наме расад

هرگز به یاد ما زر و گوهر نمی‌رسد

Моро бе ғайри ёр ба хотир наме расад

ما را بی‌غیر یار به خاطر نمی‌رسد

Ашкӣ ба дида кӣ расад аз гармии ҷигар

اشکی به دیده کی رسد از گرمی جگر

Аз шишаи ин шароб ба соғар наме расад

از شیشه این شراب به ساغر نمی‌رسد

Дар пеши мо ки бесрўсомон оламем

در پیش ما که بی‌سروسامان عالمیم

Дардисарӣ ба миннат афсар наме расад

دردسری به منت افسر نمی‌رسد

Дили маърифати зи ишқи пазирад ки оина

دل معرفت ز عشق پذیرد که آینه

Равшангарӣ чу нест ба ҷавҳар наме расад

روشنگری چو نیست به جوهر نمی‌رسد

То кӣ табиб шиква кунӣ аз ҷафои даҳр

تا کی طبیب شکوه کنی از جفای دهر

Шарҳи ғами фироқ ба охир наме расад

شرح غم فراق به آخر نمی‌رسد