Агар ойӣна бар рӯй ту арз муддао дорад

اگر آیینه بر روی تو عرض مدعا دارد

зи дасти сӯратати занҷири ҳайронӣ ба по дорад

ز دست صورتت زنجیر حیرانی به پا دارد

Асоӣ қомат перӣаст ёди сарви озодат

عصای قامت پیریست یاد سرو آزادت

Чу ман ҳар кас ба ёди абрӯяти қад дўто дорад

چو من هر کس به یاد ابرویت قد دوتا دارد

Раҳ ишқаст аз дили даст май бояд туро шустан

ره عشق است از دل دست می‌باید تو را شستن

Ки ёди сӯзани мижгон ӯ хорӣ ба по дорад

که یاد سوزن مژگان او خاری به پا دارد

Набошад лангарии ғайр аз ту кули киштӣ ӯ ро

نباشد لنگری غیر از تو کل کشتی او را

Ки дар мавҷи талотуми ҷузи худо кӣ нохудо дорад ? !

که در موج تلاطم جز خدا کی ناخدا دارد؟!

Тасаллии бахш аз зулфи мусалсали хотири худ ро

تسلی‌بخش از زلف مسلسل خاطر خود را

Ки охири даври гардун аз ҳаводис корҳо дорад !

که آخر دور گردون از حوادث کارها دارد!

Агарчӣ шеваи хуй вай омад мардуми озорӣ

اگرچه شیوه خوی وی آمد مردم‌آزاری

Ба мардуми чашм ӯ хосияти мардум гиёҳ дорад

به مردم چشم او خاصیت مردم گیاه دارد

Надорад хотирами майли дурустии як сари мӯе

ندارد خاطرم میل درستی یک سر مویی

Ки чун зулфаши дили мо аз шикастан мумиё дорад

که چون زلفش دل ما از شکستن مومیا دارد

Агар зоҳид чу ман шабҳо ба ҳиҷронат ба рӯзи орад

اگر زاهد چو من شب‌ها به هجرانت به روز آرد

Ба таҳқиқаши намои равшан ки тақлид зё дорад

به تحقیقش نما روشن که تقلید ضیا دارد

Ҳазорон офарини туғрул ба ин як мисраи бедил

هزاران آفرین طغرل به این یک مصرع بیدل

Иҷобати инфеъол аз шухии даст дуо дорад !

اجابت انفعال از شوخی دست دعا دارد!