То калаки сунъи чашми ту сармашқ ноз кард

تا کلک صنع چشم تو سرمشق ناز کرد

Ҳамчун тзрўи нози ту дар чашм боз кард

همچون تذرو ناز تو در چشم باز کرد

Омад силаҳи ғамзаи ?ут аз баҳри ҳуши ман

آمد سلاح غمزه‌ات از بهر هوش من

Кард ончунон ба ман ки ба Маҳмӯд Аёз кард

کرد آنچنان به من که به محمود ایاز کرد

Шаҳди лабат ки боди тбрзди ғулом ӯ

شهد لبت که باد تبرزد غلام او

Нархи наботи Миср ба рух пиёз кард !

نرخ نبات مصر به رخ پیاز کرد!

Қади баланди сарви ту қамарӣ ба боғ дид

قد بلند سرو تو قمری به باغ دید

Куку зад ва ба пеши ту арз ниёз кард

کوکو زد و به پیش تو عرض نیاز کرد

Лаъл аз бадахши хезаду гавҳари зи лаъли ту

لعل از بدخش خیزد و گوهر ز لعل تو

Донад ҳронкаҳи лаълу гуҳар имтиёз кард

داند هرآنکه لعل و گهر امتیاز کرد

Ёбад навои зи парда « ушшоқ » ҳарки ӯ

یابد نوا ز پرده «عشاق » هرکه او

Зеру Бами таронаи ишқи ту соз кард

زیر و بم ترانه عشق تو ساز کرد

Ҷайби қабо чу шона даридам зи кӯтаҳӣ

جیب قبا چو شانه دریدم ز کوتهی

Дасти қазо ки домани зулфат дароз кард

دست قضا که دامن زلفت دراز کرد

Ин Тифли ашки рози ниҳони даруни ман

این طفل اشک راز نهان درون من

Омад ба назд мардуму ифшоӣ роз кард

آمد به نزد مردم و افشای راز کرد

Нӯшед зи слсбилу вуруди офияти биҳишт

نوشید ز سلسبیل و ورود عافیت بهشت

Ҳаркас ба тоқи абрӯии ту як намоз кард

هرکس به طاق ابروی تو یک نماز کرد

Саррофи ишқи нақди дили туғрули маро

صراف عشق نقد دل طغرل مرا

Рӯзи азал ба бутаи меҳнат гудоз кард

روز ازل به بوته محنت‌گداز کرد