Ориз чун моҳаш аз бурқаъ намоён ме кунад
عارض چون ماهش از برقع نمایان میکند
Олимиро шамъи рухсораш чироғон ме кунад
عالمی را شمع رخسارش چراغان میکند
Аз хаёли ғунча аш дорам ба дили ҷамъиятӣ
از خیال غنچهاش دارم به دل جمعیتی
Хотирамро ёди он гесу парешон ме кунад
خاطرم را یاد آن گیسو پریشان میکند
Дӯш бо ёди Рахш аз дида боридам гуҳар
دوش با یاد رخش از دیده باریدم گهر
Мавҷи ашкам дар ҷаҳони имрӯз тӯфон ме кунад
موج اشکم در جهان امروز طوفان میکند
Дил ба кӯй ёр мебошад вале ҳар дам чу мӯр
دل به کوی یار میباشد ولی هر دم چو مور
Он тафохурҳо ки дар даст сулаймон мекунад !
آن تفاخرها که در دست سلیمان میکند!
эй парии рӯи нақши найранги кадомин сӯратӣ ? !
ای پریرو نقش نیرنگ کدامین صورتی؟!
Чашми сад ойӣнаро акси ту ҳайрон мекунад !
چشم صد آیینه را عکس تو حیران میکند!
Гар ҳамин бошад гудози шуълаи шамъи вафо
گر همین باشد گداز شعله شمع وفا
Хонаи занбӯрро парвона вайрон ме кунад
خانه زنبور را پروانه ویران میکند
Бо марӣзи ишқ дору нест дар дукони даҳр
با مریض عشق دارو نیست در دکان دهر
Мушкили маҷнӯни моро Лайлӣ осон ме кунад
مشکل مجنون ما را لیلی آسان میکند
Ҳайратӣ дорам ки туғрули булбул аз шаб то саҳар
حیرتی دارم که طغرل بلبل از شب تا سحر
Дар ҳузури шоҳиди гули сахт афғон ме кунад
در حضور شاهد گل سخت افغان میکند