Ҳркҷои шавқи туами соғари каши омол буд
هرکجا شوق توام ساغر کش آمال بود
Субҳи ъушрати сарбаланду шоми ғами помол буд
صبح عشرت سربلند و شام غم پامال بود
Доштам аз зулф ӯ сармояи айши абад
داشتم از زلف او سرمایه عیش ابد
То саводи хат ӯ бар рӯй давлати хол буд
تا سواد خط او بر روی دولت خال بود
Дидаи ойӣна бар рӯйиш гушӯданд дар азал
دیده آیینه بر رویش گشودند در ازل
Арзи ҷавҳар дар забони сӯрат ӯ лол буд
عرض جوهر در زبان صورت او لال بود
намезадам ҳар лаҳзаи ман дастӣ ба домони дуо
میزدم هر لحظه من دستی به دامان دعا
Чун алифи қадам ба ёди абрӯӣ ӯ дол буд
چون الف قدم به یاد ابروی او دال بود
Хотири мо кӣ кунад имрӯзи ёди ҷоми ҷам
خاطر ما کی کند امروز یاد جام جم
Бас ки ҷоми ъушрати мо дӯши моломол буд !
بس که جام عشرت ما دوش مالامال بود!
Нест ҷузи савдоӣ ӯ дар чорсўии эътибор
نیست جز سودای او در چارسوی اعتبار
Муштарӣ гуё нишони муҳраи ин фол буд
مشتری گویا نشان مهره این فال بود
Чун нигоҳи андари ҳавои ишқ ӯ пар ме задам
چون نگاه اندر هوای عشق او پر میزدم
Ошёни мурғи рангам аз шикасти бол буд
آشیان مرغ رنگم از شکست بال بود
Бас ки санҷидам ба субҳи шодмонии шоми ғам
بس که سنجیدم به صبح شادمانی شام غم
Кӯҳ дар мизони ҳиҷраши вазни як мисқол буд
کوه در میزان هجرش وزن یک مثقال بود
Ҳбзои туғрул ки бедил месарояд мисраӣ
حبذا طغرل که بیدل میسراید مصرعی
Мозӣу мстқбли ин базми ҳайрати ҳол буд
ماضی و مستقبل این بزم حیرت حال بود