Серум ба зери қудуми тугар ғубор шавад

سرم به زیر قدوم تو گر غبار شود

зи Ямани мақдам ту хон ман мазор шавад

ز یمن مقدم تو خوان من مزار شود

Яке гузар ба сари турбатам ки баъд аз марг

یکی گذر به سر تربتم که بعد از مرگ

зи хоки ман ба раҳати наргис интизор шавад

ز خاک من به رهت نرگس انتظار شود

Дамӣ ба сӯй чаман бигузар ва тамошо кун

دمی به سوی چمن بگذر و تماشا کن

Ки саҳни боғи пар аз ғули ғул ҳазор шавад

که صحن باغ پر از غل غل هزار شود

Саман ки зулфи туро дид сари фурӯди орад

سمن که زلف تو را دید سر فرود آرد

Гул аз таровати рухсораи ту хор шавад

گل از طراوت رخساره تو خوار شود

Лабат ки вақти такаллум ҳаёт ме бахшад

لبت که وقت تکلم حیات می‌بخشد

Масеҳ аз лаби лаъли ту шармсор шавад

مسیح از لب لعل تو شرمسار شود

Амири кишвари ҳасанӣ ва нест монандат

امیر کشور حسنی و نیست مانندت

Ҳар он ки рӯй туро дид беқарор шавад

هر آن که روی تو را دید بی‌قرار شود

Манам ки ҳалқа ба гӯши туам наме пурсӣ

منم که حلقه به گوش توام نمی‌پرسی

Чаҳ мешавад ки туро туғрул эътибор шавад ? !

چه می‌شود که تو را طغرل اعتبار شود؟!