Ҳркҷогар гирдбодӣ ҳалқа месозад ғубор

هرکجا گر گردبادی حلقه می‌سازد غبار

Ҳалқаҳои дом умедаст чашми интизор

حلقه‌های دام امید است چشم‌انتظار

намеравад дил аз барам ҳар дам ба ёди ҷилва аш

می‌رود دل از برم هر دم به یاد جلوه‌اش

Ваз хиромаш нест дар дастами Аннани ихтиёр

وز خرامش نیست در دستم عنان اختیار

Бохатм бо оби ҳайвони ман ба лаъл ӯ гарав

باختم با آب حیوان من به لعل او گرو

То шавад равшани хафои ин сухан аз лаъли ёр

تا شود روشن خفای این سخن از لعل یار

Май гудозади ҳамчуи равғани шамъи рухсораши дилам

می‌گدازد همچو روغن شمع رخسارش دلم

намекашадгар набзи зулфаши равған аз дӯди шарор

می‌کشد گر نبض زلفش روغن از دود شرار

Рӯз васласт эй нигаҳи гир аз рух ӯ лиззатӣ

روز وصل است ای نگه گیر از رخ او لذتی

То ки дар айёми ҳиҷронати туро ояд ба кор !

تا که در ایام هجرانت تو را آید به کار!

Донаи тухми умеди тешаи Фарҳод ро

دانه تخم امید تیشه فرهاد را

Кӣ кунад тамҳиди ғайр аз домани ин кӯҳсор ? !

کی کند تمهید غیر از دامن این کوهسار؟!

Қомати сарви сеӣ ангушт ҳайрат ме шавад

قامت سرو سهی انگشت حیرت می‌شود

Бинадаш андари чамангар шухии рафтори ёр

بیندش اندر چمن گر شوخی رفتار یار

Аз садои нағмаи ин овоз меояд ба гӯш

از صدای نغمه این آواز می‌آید به گوش

Нест ҷузи танбури дигари як ҳарифи пардаи дор

نیست جز تنبور دیگر یک حریف پرده‌دار

эй хушо туғрули азин як мисраи баҳри сухан

ای خوشا طغرل ازین یک مصرع بحر سخن

Шонае дар кор дорад решханди рӯзгор !

شانه‌ای در کار دارد ریشخند روزگار!