То урӯҷ бода зад дастии гиребони маро
تا عروج باده زد دستی گریبان مرا
Мавҷ мешероза хоҳад гашти домони маро
موج می شیرازه خواهد گشت دامان مرا
Серумаи чашми ҳаёро соз хомӯшӣ кунад
سرمه چشم حیا را ساز خاموشی کند
Аз қазо гар бугзарад булбули Нитсаон маро
از قضا گر بگذرد بلبل نیسان مرا
Бас ки гулзор хаёлам дорад аз гули ранги ранг
بس که گلزار خیالم دارد از گل رنگ رنگ
Гар ҳаваси дорӣ тамошо кун гулистони маро !
گر هوس داری تماشا کن گلستان مرا!
Чун гавҳари мазмуни як маънӣам аз по то ба сар
چون گوهر مضمون یک معنیام از پا تا به سر
Имтиёзӣ нест аз домани гиребони маро
امتیازی نیست از دامن گریبان مرا
Пеш неруем кунад рустами суҷуди эътироф
پیش نیرویم کند رستم سجود اعتراف
Гар бибинад савлати бозуии дастони маро
گر ببیند صولت بازوی دستان مرا
намекунад хатми камоли дарси илми ошиқӣ
میکند ختم کمال درس علم عاشقی
Як дамӣ маҷнӯн нишинадгар дабистони маро
یک دمی مجنون نشیند گر دبستان مرا
Гарчи сад гавҳар кашидам дӯш дар силки сухан
گرچه صد گوهر کشیدم دوش در سلک سخن
Эътиборӣ кӣ буд имрӯзи девони маро ? !
اعتباری کی بود امروز دیوان مرا؟!
Пешкаш дар пеши абрӯяш сиррӣ оварда ам
پیشکش در پیش ابرویش سری آوردهام
Кӣ буд қадре ба назд теғ ӯ ҷони маро ? !
کی بود قدری به نزد تیغ او جان مرا؟!
Туғрул аз субҳи умедами як шарар пайдо нашуд
طغرل از صبح امیدم یک شرر پیدا نشد
То намояди равшании шамъи шабистони маро !
تا نماید روشنی شمع شبستان مرا!