То шунидам аз сабои афсонаҳои зулфи ёр
تا شنیدم از صبا افسانههای زلف یار
Сояи шамшодро дар боғ кардам ихтиёр
سایه شمشاد را در باغ کردم اختیار
Нест андар дафтар ҳастӣ ҳисоби дигарам
نیست اندر دفتر هستی حساب دیگرم
Бас ки мебошад шаби ҳиҷраш ба ман рӯзи шумор
بس که میباشد شب هجرش به من روز شمار
Орзӯ кардам валикини бахти бад ёрам нашуд
آرزو کردم ولیکن بخت بد یارم نشد
Серумае аз гирди домонаш ба чашмами интизор
سرمهای از گرد دامانش به چشمم انتظار
Дар пай ҳар субҳи ъушрати шоми кулуфт тавъам аст
در پی هر صبح عشرت شام کلفت توأم است
Нест андари боғи имкони як гулӣ бе неши хор
نیست اندر باغ امکان یک گلی بینیش خار
Карда аз тарафи чамани найранги саҳҳофи азал
کرده از طرف چمن نیرنگ صحاف ازل
Аз раги гули риштаи шерозаи ҷузви баҳор
از رگ گل رشته شیرازه جزو بهار
Аз таваккули бодбони киштӣ умед кун
از توکل بادبان کشتی امید کن
Бас ки пайдо нест дар мавҷи муҳӣти ғами канор
بس که پیدا نیست در موج محیط غم کنار
Кӣ дил сдпораҳам аз мумиё гардад дуруст
کی دل صدپارهام از مومیا گردد درست
Ёди чашмаши бишиканадгар соғари ранги хумор ? !
یاد چشمش بشکند گر ساغر رنگ خمار؟!
Он қадри доғи таманноӣ хаёлаш гашта ам
آنقدر داغ تمنای خیالش گشتهام
Нест монанди дилами имрӯзи боғи лолаи зор
نیست مانند دلم امروز باغ لالهزار
То сафои ориз ӯ арз ҷавҳар ме кунад
تا صفای عارض او عرض جوهر میکند
Дидаи ойӣнаро набӯд ба ҷузи ҳайрати шиор
دیده آیینه را نبود به جز حیرت شعار
Мивае аз боғи васлаш кӣ расад осон ба каф
میوهای از باغ وصلش کی رسد آسان به کف
То нагардад донаи ашки ту чун ёқӯти нор ? !
تا نگردد دانه اشک تو چون یاقوت نار؟!
Бар лаби кавсари зи ҷӯши сабза равшан ме шавад
بر لب کوثر ز جوش سبزه روشن میشود
Насхи таълиқи хати райҳонаш аз хати ғубор
نسخ تعلیق خط ریحانش از خط غبار
Ваа чаҳ хуш гуфтаст туғрули шоҳи авранги сухан
وه چه خوش گفتهست طغرل شاه اورنگ سخن
Шуд сифеди охир з мӯем кӯчаҳои интизор !
شد سفید آخر ز مویم کوچههای انتظار!