То хаёл сӯраташ шуд дидаамро ҷилва гар
تا خیال صورتش شد دیدهام را جلوهگر
Чашми нгшоим ба сӯии нақшу тасвир дигар
چشم نگشایم به سوی نقش و تصویر دگر
Бахти вожўнро ба тахти подшоҳӣ кӣ даҳум
بخت واژون را به تخت پادشاهی کی دهم
Сояи боли ҳумо гар бахшадам тоҷӣ ба сар ? !
سایه بال هما گر بخشدم تاجی به سر؟!
Чун гуҳар дар кисват мо нест ҷайбу доманӣ
چون گهر در کسوت ما نیست جیب و دامنی
Ғайр урёнӣ набошад ҷомае моро ба бар !
غیر عریانی نباشد جامهای ما را به بر!
Кам нагардад гармии як рӯзи бозору шабаш
کم نگردد گرمی یک روز بازار و شبش
Дар дил парвона набӯд ғайри савдои шарар
در دل پروانه نبود غیر سودای شرر
Доми сайди матлаби мо гашти қуллоби нафас
دام صید مطلب ما گشت قلاب نفس
Нест дар мурғи умеди мо ҳавои болу пар !
نیست در مرغ امید ما هوای بال و پر!
Гарчи тафсили гулистон ҷамолаш ме кунам
گرچه تفصیل گلستان جمالش میکنم
Май намоями ҳарфи мазмуни даҳонаш мухтасар
مینمایم حرف مضمون دهانش مختصر
Шуд зи дасти куфри зулфаши кишвари дайнами хароб
شد ز دست کفر زلفش کشور دینم خراب
Чашм масташ кард иқлӣми дилами зеру зибр
چشم مستش کرد اقلیم دلم زیر و زبر
Ҷилвау нозу хироми нахл ӯ дидам ба боғ
جلوه و ناز و خرام نخل او دیدم به باغ
Нест дар сарви қад ӯ ғайри озодии самар !
نیست در سرو قد او غیر آزادی ثمر!
Фол бад бошад агар чаҳ суҳбати ақраб ба моҳ
فال بد باشد اگر چه صحبت عقرب به ماه
Кош эй ҳам суҳбатон дар ақрабаши байнами қамар !
کاش ای همصحبتان در عقربش بینم قمر!
Бас ки аз баҳр сиришкам нест имкони убӯр
بس که از بهر سرشکم نیست امکان عبور
Бигузарӣ зин об пресс аз мардуми чашмами гузар
بگذری زین آب پرس از مردم چشمم گذر
Кам намегардад сдоъи ошиқ аз субҳи умед
کم نمیگردد صداع عاشق از صبح امید
намешавад афзӯни зи сандали оқибати ин дарди сар
میشود افزون ز صندل عاقبت این درد سر
Хомаи таҳрир аз чӯби санавбар боядам
خامه تحریر از چوب صنوبر بایدم
Бас ки дар васфи ту ӯ чун қалами бастами камар
بس که در وصف تو او چون قلم بستم کمر
Нест ҷузи шаҳди маъонии бас ки сомони дилам
نیست جز شهد معانی بس که سامان دلم
Май баради табъами гарав аз банди банди нешикар
میبرد طبعم گرو از بند بند نیشکر
Офарини туғрули барин як мисраи баҳри сухан
آفرین طغرل برین یک مصرع بحر سخن
эй хиромати мавҷи гавҳари андакии оҳистатар !
ای خرامت موج گوهر اندکی آهستهتر!