Инаст агар сози Баму зери ҷаҳон ро

اینست اگر ساز بم و زیر جهان را

Бепарда макун нағмаи мизроби замонро !

بی‌پرده مکن نغمه مضراب زمان را!

Бо хати адаби сози ту аз серумаи сиёҳӣ

با خط ادب ساز تو از سرمه سیاهی

Дар ҳарф хамӯшӣ чаҳ қалами банди миёнро !

در حرف خموشی چه قلم بند میان را!

Гардад хати ҳайрати асари шавқи футуҳат

گردد خط حیرت اثر شوق فتوحت

Чун ғунча агар меҳр кунӣ қуфли даҳон ро

چون غنچه اگر مهر کنی قفل دهان را

Кӣ бахя кунад хоки лаби домани нозаш

کی بخیه کند خاک لب دامن نازش

Маҳтоб буд муҳаррам агар захми каттонро ? !

مهتاب بود محرم اگر زخم کتان را؟!

Ҳсрткши абрӯӣ ту шуд қомати перӣ

حسرتکش ابروی تو شد قامت پیری

Ҷузи хона худ нест дигар хонаи камонро !

جز خانه خود نیست دگر خانه کمان را!

Ҳаркас набӯд муштарии ҷинси муҳаббат

هرکس نبود مشتری جنس محبت

Кини нақд гаронӣ кунад аз суди зиёнро !

کین نقد گرانی کند از سود زیان را!

Фарши раҳи таслими адаби сози сари худ

فرش ره تسلیم ادب ساز سر خود

Чун махмал агар дории ҳаваси хоби гаронро !

چون مخمل اگر داری هوس خواب گران را!

Хайёт азал карда чу аз бахяи рангин

خیاط ازل کرده چو از بخیه رنگین

Шерозаи домони чамани оби равонро !

شیرازه دامان چمن آب روان را!

Осӯда буд софи дил аз миннати сайқал

آسوده بود صاف دل از منت صیقل

Ҷузи ҷавҳар маънӣ набӯд теғи забонро !

جز جوهر معنی نبود تیغ زبان را!

Махмури туро нест ба ҷузи дардисари ту

مخمور تو را نیست به جز دردسر تو

Дардисар дигар набӯд бодаи кашонро !

دردسر دیگر نبود باده‌کشان را!

Пайдо нашуд аз шуълаи ашками асари доғ

پیدا نشد از شعله اشکم اثر داغ

Зоҳир накунад оташи ёқӯти духонро !

ظاهر نکند آتش یاقوت دخان را!

Туғрул чаҳ хушаст мисраи дарёии маъонӣ

طغرل چه خوش است مصرع دریای معانی

Ёрон ба хат ҷом бабандед миёнро !

یاران به خط جام ببندید میان را!