Чаҳ хосият буд ёрб насиби чашми зҳгирш

چه خاصیت بود یارب نصیب چشم زهگیرش

Ки дар парвоз меояд дил аз шавқи пари тираш ? !

که در پرواز می‌آید دل از شوق پر تیرش؟!

Хаёл абрӯяш кун қитъаи рангини ҳаваси дорӣ

خیال ابرویش کن قطعه رنگین هوس داری

Ки сармашқ шаҳодат нест ғайр аз мади шамшераш

که سرمشق شهادت نیست غیر از مد شمشیرش

Ба савдои сари бозори ғам девона ме гардад

به سودای سر بازار غم دیوانه می‌گردد

Агар уфтад ба пои ақли зулфи ҳамчуи занҷираш

اگر افتد به پای عقل زلف همچو زنجیرش

зи мазмуни баландиҳои қадаши як қалам гӯям

ز مضمون بلندی‌های قدش یک قلم گویم

Қалам аз шох тўбо кун агар хоҳии ту таҳрираш

قلم از شاخ طوبا کن اگر خواهی تو تحریرش

Чу ман ҳар каси ҳадиси лаъли ширинаш баён созад

چو من هر کس حدیث لعل شیرینش بیان سازد

Шукри резад ба ҳангоми сухан аз шаҳди тақрираш

شکر ریزد به هنگام سخن از شهد تقریرش

Каманди ҷазбаи шавқаши аҷаб хосиятӣ дорад

کمند جذبه شوقش عجب خاصیتی دارد

Ки бошад донаҳои доми матлаби хӯни нахчираш

که باشد دانه‌های دام مطلب خون نخچیرش

Шикасти ранг ҷрът шуд насиби хомаи Монӣ

شکست رنگ جرعت شد نصیب خامه مانی

Ки имкон дурустӣ нест андари нақши тасвираш

که امکان درستی نیست اندر نقش تصویرش

Чаҳ афсунаст ёрб ҳамчуи махмали наргис ӯ ро

چه افسون است یارب همچو مخمل نرگس او را

Ки мебошад ба хоби ноз ва бедораст таъсираш ? !

که می‌باشد به خواب ناز و بیدار است تأثیرش؟!

Ба шоми ҳиҷр аз субҳи висол ӯ машав ғофил

به شام هجر از صبح وصال او مشو غافل

Ки меҷӯшад зи пистони амали шер аз тбоширш

که می‌جوشد ز پستان عمل شیر از تباشیرش

Чаҳ дарди сари маро аз эиътибороти маҳак акнӯн

چه درد سر مرا از اعتبارات محک اکنون

Айёри софӣ Эй дорам ки ҳоҷат нест эксираш !

عیار صافی‌ای دارم که حاجت نیست اکسیرش!

зи меъмори қазо ҳаргиз набинад рӯй ободӣ

ز معمار قضا هرگز نبیند روی آبادی

Банноӣ хона ҳастӣ ки вайронаст таъмираш !

بنای خانه هستی که ویرانست تعمیرش!

Хушо аз мисраи мавзуни дарёии сухани туғрул

خوشا از مصرع موزون دریای سخن طغرل

Арақ кард оҳи ман охири зи хиҷлатҳои таъсираш !

عرق کرد آه من آخر ز خجلت‌های تأثیرش!