Чаҳ имкон аст гардад аз дилами беруни таманнояш
چه امکان است گردد از دلم بیرون تمنایش
Ки бошад сӯратами ойӣнаи сони маҳви тамошояш
که باشد صورتم آیینهسان محو تماشایش
Барои интизор ӯст тамҳиди нафас ҳар дам
برای انتظار اوست تمهید نفس هر دم
Ки дар оғӯши дил аз шавқ холӣ мекунад ҷояш
که در آغوش دل از شوق خالی میکند جایش
Нигаҳро серумаи чашми умеди ҳайрат худ кун
نگه را سرمه چشم امید حیرت خود کن
Агар дории ҳавас аз серумаи хоки кафи поиш
اگر داری هوس از سرمه خاک کف پایش
Дурустӣ нест осон аз шикасти мушкили зулфаш
درستی نیست آسان از شکست مشکل زلفش
Ки айн уқда мебошад кшод ҳар муаммояш
که عین عقده میباشد کشاد هر معمایش
Дарин ъушрати сарогар нашъаи умри абади хоҳӣ
درین عشرتسرا گر نشئه عمر ابد خواهی
Тамошо кун ба ёди қад ӯ ҷӯши ду болояш
تماشا کن به یاد قد او جوش دو بالایش
намедонам чаҳ сайёдӣаст дар ойӣнаи чашм ӯ
نمیدانم چه صیادیست در آیینه چشم او
Ки мумкин нест растан аз каманди зулфи гирояш !
که ممکن نیست رستن از کمند زلف گیرایش!
Қумоши ҳасан ӯ дар ҷилваи арз зуҳӯр омад
قماش حسن او در جلوه عرض ظهور آمد
Буд шурӣ ба бозори ҷаҳон аз ҷӯши савдояш
بود شوری به بازار جهان از جوش سودایش
Маро аз ҷоми тақсими азали ин нашъа зоҳир шуд
مرا از جام تقسیم ازل این نشئه ظاهر شد
Ки мебошад сари айши абад дар пои минояш
که میباشد سر عیش ابد در پای مینایش
Сафои оризаш аз сабза тар шуд змрдгўн
صفای عارضش از سبزه تر شد زمردگون
Хати райҳон ёқӯтаст бар лаъли гҳрзоиш
خط ریحان یاقوت است بر لعل گهرزایش
Буд дашти ҷунун девонаам аз як қадами лекин
بود دشت جنون دیوانهام از یک قدم لیکن
Хаёли ҳалқаи он зулфи знҷирист бар поиш
خیال حلقه آن زلف زنجیریست بر پایش
Ҳамин бошад агар мавҷи талотуми баҳри раҳмат ро
همین باشد اگر موج تلاطم بحر رحمت را
Арақ гул мекунад имрӯзи ман аз шарми фардояш
عرق گل میکند امروز من از شرم فردایش
Ба хӯн бояд навиштани туғрули ин як мисраи бедил
به خون باید نوشتن طغرل این یک مصرع بیدل
Ҳануз аз хоки муштоқон ҳиное мешавад поиш
هنوز از خاک مشتاقان حنایی میشود پایش