намекунад назора то бар рӯй он тннози рақс
میکند نظاره تا بر روی آن تنناز رقص
Ҳамчуи он тифлӣ ки дар гулшан кунад аз нози рақс
همچو آن طفلی که در گلشن کند از ناز رقص
Ҷилваи ҳасанаш кунун дар чашм бозаш ме кунад
جلوه حسنش کنون در چشم بازش میکند
Чун хироми ҷилваи тиҳу ба чашми бози рақс
چون خرام جلوه تیهو به چشم باز رقص
Дорад аз хати лабаши пайғамбари ҳасанаши китоб
دارد از خط لبش پیغمبر حسنش کتاب
Турфаи пайғамбар ки мебошад варои эъҷози рақс !
طرفه پیغمبر که میباشد ورا اعجاز رقص!
Дар хами зулфаши дилами имрӯз май рақсади чунон
در خم زلفش دلم امروز میرقصد چنان
Ҳамчуи он гӯйӣ ки созад пеши чавгони бози рақс
همچو آن گویی که سازد پیش چوگانباز رقص
Рашк раққосаст анҷоми тапишҳои дилам
رشک رقاص است انجام تپشهای دلم
Гар кунад он шӯхи раққосии дами оғози рақс
گر کند آن شوخ رقاصی دم آغاز رقص
Дӯш дар оҳанг « ушшоқ » аз « наво » май кӯфти по
دوش در آهنگ «عشاق » از «نوا» میکوفت پا
намекунад он гули бадани имрӯз дар « Шаҳноз » рақс
میکند آن گلبدن امروز در «شهناز» رقص
Мтрбои зеру Бами қонӯни худро соз кун
مطربا زیر و بم قانون خود را ساز کن
То насозад он парӣ дар анҷумани носози рақс !
تا نسازد آن پری در انجمن ناساز رقص!
Дишабами як бор рақсидӣ кунун баҳри худо !
دیشبم یک بار رقصیدی کنون بهر خدا!
Бози рақсу бози рақсу бози рақсу бози рақс ! !
باز رقص و باز رقص و باز رقص و باز رقص!!
Сари ишқами туғрул аз тамкини дили пӯшида буд
سر عشقم طغرل از تمکین دل پوشیده بود
Бас ки май рақсади дилам тарсам шавад ғаммози рақс !
بس که میرقصد دلم ترسم شود غماز رقص!