Маро шурӣаст бар сар аз ғами дил

مرا شوریست بر سر از غم دل

намедонам кунун беш ва кам дил

نمی‌دانم کنون بیش و کم دل

Тарашшӯҳ мекунад аз дидаи ман

ترشح می‌کند از دیده من

Дамодами ашки хунин аз ӣам дил

دمادم اشک خونین از یم دل

Яке имрӯз бо мо сайр дил кун

یکی امروز با ما سیر دل کن

Ки дорад олимии ин олами дил !

که دارد عالمی این عالم دل!

Барафшон донаи кишти муродат

برافشان دانه کشت مرادت

Шавад сарсабзу хуррам аз нами дил

شود سرسبز و خرم از نم دل

Нишин дар пардаи мизроби созиш

نشین در پرده مضراب سازش

Басӣ дорад навои зеру Бами дил

بسی دارد نوا زیر و بم دل

намегардад дигар сайди камонат

نمی‌گردد دگر صید کمانت

Ғизоли ваҳшии мо аз Роми дил !

غزال وحشی ما از رم دل!

Тавофи каъба дил кун ки нӯшӣ

طواف کعبه دل کن که نوشی

зи чоҳи муддаояти замзами дил

ز چاه مدعایت زمزم دل

Қабул кас нагардад ин ҳикоят

قبول کس نگردد این حکایت

Агар гӯйӣ ки бошад муҳаррами дил

اگر گویی که باشد محرم دل

Дили худро ба меҳри дил қавӣ кун

دل خود را به مهر دل قوی کن

Ки бошад ақди парвини шабнами дил

که باشد عقد پروین شبنم دل

Хирад бар чарх месояд илм ро

خرد بر چرخ می‌ساید علم را

Ливояшгар буд аз парчами дил !

لوایش گر بود از پرچم دل!

Дарин меҳнати сарои имрӯзи туғрул

درین محنت‌سرا امروز طغرل

намеёбам касеро ҳамдами дил !

نمی‌یابم کسی را همدم دل!