Хушо рӯзӣ ки аз мазмуни туғрул
خوشا روزی که از مضمون طغرل
Ба арз ояд дар макнуни туғрул !
به عرض آید در مکنون طغرل!
Саманди фикри худро зани ту маҳмиз
سمند فکر خود را زن تو مهمیز
Намояди ҷилва дар ҳомӯни туғрул
نماید جلوه در هامون طغرل
Суханҳоӣ ки чун саҳар ҳалол аст
سخنهایی که چون سحر حلال است
Мураттаб гашта аз афсуни туғрул
مرتب گشته از افسون طغرل
Пар аз гавҳар шавад домони фикрат
پر از گوهر شود دامان فکرت
Рӯй дар қулзуми машҳуни туғрул
روی در قلزم مشحون طغرل
Равон шуд аз ғамаши дарёи зи чашмам
روان شد از غمش دریا ز چشمم
Ҳазар созед аз Ҷайҳуни туғрул !
حذر سازید از جیحون طغرل!
Аҷаб набӯд ки аз роҳи тлтФ
عجب نبود که از راه تلطف
Ба даст оварад дили маҳзуни туғрул
به دست آورد دل محزون طغرل
Макаш бо теғи ҳиҷронам ки акнӯн
مکش با تیغ هجرانم که اکنون
Наме арзади ҷаҳон дар хӯни туғрул !
نمیارزد جهان در خون طغرل!
Хаёли қомат дилдор бошад
خیال قامت دلدار باشد
Асои қомати вожўни туғрул !
عصای قامت واژون طغرل!