эй наргиси мастати чамани орои тағофул

ای نرگس مستت چمن آرای تغافل

Бозори ту гармаст зи савдои тағофул

بازار تو گرم است ز سودای تغافل

Дар серума чу бахти сияҳи мо ҳама акнӯн

در سرمه چو بخت سیه ما همه اکنون

Хобидаи магари фитнау ғавғои тағофул ? !

خوابیده مگر فتنه و غوغای تغافل؟!

Ғифлати асари шавқ буд ғунчаи лаълат

غفلت اثر شوق بود غنچه لعلت

Хӯни гашти дили мо ба таманнои тағофул

خون گشت دل ما به تمنای تغافل

Ҷон дар талабат дода ба умеди нигоҳӣ

جان در طلبت داده به امید نگاهی

Охир шудам аз чашми ту расвои тағофул !

آخر شدم از چشم تو رسوای تغافل!

Як ҷуръае аз бодаи шавқи ту марои бас

یک جرعه‌ای از باده شوق تو مرا بس

Дар анҷумани нози зи минои тағофул

در انجمن ناز ز مینای تغافل

Шурӣаст зи кайфияти майхонаи чашмат

شوریست ز کیفیت میخانه چشمت

Ҳайронами азин мастии саҳбои тағофул

حیرانم ازین مستی صهبای تغافل

Дар бодия ишқ давидем ва надидем

در بادیه عشق دویدیم و ندیدیم

Ҷузи чашми ту нахчир ба саҳрои тағофул

جز چشم تو نخچیر به صحرای تغافل

Бо маслиҳати ишқ ба гулзори ҷамолаш

با مصلحت عشق به گلزار جمالش

Чашмӣ бигушо баҳри тамошои тағофул

چشمی بگشا بهر تماشای تغافل

Аз васли ту маҳрӯми ман аз толеъи пастам

از وصل تو محروم من از طالع پستم

Аз ноз баландаст магари ҷои тағофул ? !

از ناز بلندست مگر جای تغافل؟!

эй ҳам нафасони хори раҳ ишқ бароред

ای هم‌نفسان خار ره عشق برآرید

Бо сӯзани мижгони ман аз пои тағофул

با سوزن مژگان من از پای تغافل

Туғрул чаҳ хушаст муваҷҷаҳи дарёии маъонӣ

طغرل چه خوش است موجه دریای معانی

Ман куштаи тамкинаму расвои тағофул

من کشته تمکینم و رسوای تغافل