Тараби паймои ишқами хоксориҳост миъроҷам
طربپیمای عشقم خاکساریهاست معراجم
Тапиданҳо буд тӯмори набзи саъии алҳоҷм
تپیدنها بود طومار نبض سعیالحاجم
Чароғам ёфт охир аз хамӯшӣ сарфарозӣ ҳо
چراغم یافت آخر از خموشی سرفرازیها
Мурассаъ шуд зи санги серума гуё гавҳари тоҷам
مرصع شد ز سنگ سرمه گویا گوهر تاجم
Сафири булбули оҳам чу негар нолаи ангезад
سفیر بلبل آهم چو نی گر ناله انگیزد
Нитсаатон як қалам оташ шавад з ахгар диҳад боҷам
نیستان یک قلم آتش شود ز اخگر دهد باجم
Ба саъии гуфтугӯӣ ӯ серум дар пой дор омад
به سعی گفتگوی او سرم در پای دار آمد
Ба фатвои муҳаббати гўиёи Мансури ҳаллоҷам
به فتوای محبت گوییا منصور حلاجم
Биё эй машриқи субҳи саодат дар барам як дам
بیا ای مشرق صبح سعادت در برم یک دم
Ки ман аз баҳри ташрифи қудумати сахти муҳтоҷам !
که من از بهر تشریف قدومت سخت محتاجم!
Азони рӯзӣ ки нахл қоматат бишикаст тӯбо ро
ازآن روزی که نخل قامتت بشکست طوبی را
Ба савдои хаёли сарви болои ту дроҷм
به سودای خیال سرو بالای تو دراجم
Баландаст он қадри фикри баландам дар сухани туғрул
بلند است آنقدر فکر بلندم در سخن طغرل
Ту пиндорӣ ки андари тору пуди шеъри нассоҷам
تو پنداری که اندر تار و پود شعر نساجم