Фурӯзад шамъи рухсораш агар дар кулбаи торам
فروزد شمع رخسارش اگر در کلبه تارم
Ба оғӯши тапиш аз бе худии парвонаи осорам
به آغوش تپش از بیخودی پروانه آثارم
Яке саргаштаам дар водии ишқи парии рӯе
یکی سرگشتهام در وادی عشق پریرویی
Ки ҷузи андӯҳ ва кулуфт нест дигари ёри ғмхўорм !
که جز اندوه و کلفت نیست دیگر یار غمخوارم!
Зёии меҳри рухсораш ба имонам кунад даъват
ضیای مهر رخسارش به ایمانم کند دعوت
Саводи куфр зулфаш мекунад таклифи зуннорам
سواد کفر زلفش میکند تکلیف زنارم
Агар дастам расад бо домани васлнигор эй дил
اگر دستم رسد با دامن وصل نگار ای دل
Яқини доне ки то рӯзи қиёмат ҳеҷ нагузорам !
یقین دانی که تا روز قیامت هیچ نگذارم!
Лабаш ҳар дами ҳаёт тоза мебахшад мсиҳосо
لبش هر دم حیات تازه میبخشد مسیحاسا
Агарчӣ мекашад тири нигаҳ ҳар рӯзи сад боРом
اگرچه میکشد تیر نگه هر روز صد بارم
Ҳилоли абрӯяши ид сиём омад ба чашми ман
هلال ابرویش عید صیام آمد به چشم من
Ки то аз хӯн дил кардам тамоми имрӯзи ифторам
که تا از خون دل کردم تمام امروز افطارم
Чунон гардӣдаам маҳви тамошои ҷамол ӯ
چنان گردیدهام محو تماشای جمال او
Ба мроти таҳайюри ҳамчуи акси нақши деворам
به مرآت تحیر همچو عکس نقش دیوارم
Азони рӯзӣ ки савдои хаёлаш бар серум омад
ازآن روزی که سودای خیالش بر سرم آمد
Ба бозори муҳаббати нақли ҷони худ ба каф дорам
به بازار محبت نقل جان خود به کف دارم
Ниқоб аз рух наяндозад муаммои ман туғрул
نقاب از رخ نیندازد معمای من طغرل
Ки холӣ аз такаллуф нест мазмунҳои ашъорам
که خالی از تکلف نیست مضمونهای اشعارم