Ҳарки дар дашт ҷунун бинад ман девона ро

هرکه در دشت جنون بیند من دیوانه را

Кӣ шавад монанди маҷнӯни ошнои бегонаро ? !

کی شود مانند مجنون آشنا بیگانه را؟!

Ҳасани хубонро ҷило бошад нигоҳи ошиқон

حسن خوبان را جلا باشد نگاه عاشقان

Эътиборӣ нест ӣнҷои шамъ бепарвонаро !

اعتباری نیست اینجا شمع بی‌پروانه را!

Улфатӣ дорад хаёли мори гесуяш ба дил

الفتی دارد خیال مار گیسویش به دل

Ганҷ бисёраст гуё хоки ин вайронаро !

گنج بسیار است گویا خاک این ویرانه را!

Аз сари савдои зулф ӯ чунон созами гузар

از سر سودای زلف او چنان سازم گذر

эй фусунгар бо ки май гӯйии ту ин афсонаро ? !

ای فسونگر با که می‌گویی تو این افسانه را؟!

Бо нигоҳии кулбаи эҳсони мо обод кун

با نگاهی کلبه احسان ما آباد کن

Нест ҷузи мади нигаҳи меъмори ин кошона ро

نیست جز مد نگه معمار این کاشانه را

То туоне дар нгорстон чашмаш кун назар

تا توانی در نگارستان چشمش کن نظر

эй басои афсун ки бошад ин аҷоиби хонаро !

ای بسا افسون که باشد این عجایب‌خانه را!

Туғрули асрори адаб аз бода равшан ме шавад

طغرل اسرار ادب از باده روشن می‌شود

Нест ҷузи пери тариқати муршидии майхонаро !

نیست جز پیر طریقت مرشدی میخانه را!