То зи акс хеш кардӣ сарфарози ойӣна ро

تا ز عکس خویش کردی سرفراز آیینه را

Бошад андар рӯй ту рӯй ниёзи ойӣна ро

باشد اندر روی تو روی نیاز آیینه را

Дида шуд то муҳаррами назораи рухсори ту

دیده شد تا محرم نظاره رخسار تو

Ҳайрат мо кард охири трктози ойӣна ро

حیرت ما کرد آخر ترکتاز آیینه را

Шамъи сони парвонаи акси худ орад дар бағал

شمع‌سان پروانه عکس خود آرد در بغل

Гар ҳамин бошад ғами сӯзу гудози ойӣна ро

گر همین باشد غم سوز و گداز آیینه را

Он қадр фаҳмидаам аз сӯрати таҳқиқи дил

آنقدر فهمیده‌ام از صورت تحقیق دل

Дар ҳақиқат нест ойини муҷози ойӣнаро !

در حقیقت نیست آیین مجاز آیینه را!

Кӣ баланду пасти олами манъ равшандил кунад ? !

کی بلند و پست عالم منع روشندل کند؟!

Нест дар роҳи сафои шебу фарози ойӣнаро !

نیست در راه صفا شیب و فراز آیینه را!

Аз суҷуди ҷабҳаи равшани сози қалби хештан

از سجود جبهه روشن ساز قلب خویشتن

Як ҷаҳони дил соф бошад аз намози ойӣнаро !

یک جهان دل صاف باشد از نماز آیینه را!

Он қадр аз ҷилваи тиҳу ба ҳайрат ғӯта зад

آنقدر از جلوه تیهو به حیرت غوطه زد

Арз ҷавҳар бошад акнӯн чашми бози ойӣна ро

عرض جوهر باشد اکنون چشم باز آیینه را

Бас ки яксонаст дар таҳқиқи ҳасану қубҳи халқ

بس که یکسان است در تحقیق حسن و قبح خلق

Имтиёзӣ нест ғайр аз имтиёзи ойӣнаро !

امتیازی نیست غیر از امتیاز آیینه را!

Нест зи ойини адаби ойӣнаи туғрули пеш ӯ

نیست ز آیین ادب آیینه طغرل پیش او

Ҳамчуи ҷавҳари бишиканади тарсами зи нози ойӣнаро !

همچو جوهر بشکند ترسم ز ناز آیینه را!