Ҳиҷоб аз рух фикан дилбар ки зорам
حجاب از رخ فکن دلبر که زارم
Маро магузор андари интизорам
مرا مگذار اندر انتظارم
Бигир аз рӯй моҳати бурқаъи ноз
بگیر از روی ماهت برقع ناز
Ки давр аз нури рухсорат ба ноРом
که دور از نور رخسارت به نارم
Яке саргаштаам дар дашти ишқат
یکی سرگشتهام در دشت عشقت
зи тири як нигоҳати дили фигорам
ز تیر یک نگاهت دلفگارم
Чноросо фурӯзам оташ аз дил
چنارآسا فروزم آتش از دل
зи сӯзи меҳнату андӯҳи ёрам
ز سوز محنت و اندوه یارم
Ба ҷои шаҳди нӯшами заҳри ғам ро
به جای شهد نوشم زهر غم را
Миёни аҳли олами хору зорам
میان اهل عالم خوار و زارم
Ало эй шӯх бе парвои нигоҳӣ
الا ای شوخ بیپروا نگاهی
Ба сӯии ман намои умедворам !
به سوی من نما امیدوارم!
Надонам боиси ҷабру ҷафоят
ندانم باعث جبر و جفایت
Ба туғрул чист эй зибонгорм ? !
به طغرل چیست ای زیبانگارم؟!