Бисот ҳастӣ худро ба роҳати хок май созам

بساط هستی خود را به راهت خاک می‌سازم

Агар бошад замини носоз бо афлок май созам !

اگر باشد زمین ناساز با افلاک می‌سازم!

Лабам аз оташи шавқи муҳаббат хушк шуд лекин

لبم از آتش شوق محبت خشک شد لیکن

зи ашк хӯн фишон мижгони худ намнок май созам

ز اشک خون‌فشان مژگان خود نمناک می‌سازم

Либосӣ дар бар ман нест акнӯн ғайри расвоӣ

لباسی در بر من نیست اکنون غیر رسوایی

Гиребон то ба домони қиёмати чок май созам

گریبان تا به دامان قیامت چاک می‌سازم

Азони рӯзӣ ки даврам аз дами субҳи висол ӯ

ازآن روزی که دورم از دم صبح وصال او

Чу шамъи шоми ҳиҷри оҳ аз дили ғамнок май созам

چو شمع شام هجر آه از دل غمناک می‌سازم

Набошад маъбадии ҷузи гӯша майхонаам дигар

نباشد معبدی جز گوشه میخانه‌ام دیگر

Агар зоҳид шавам аз чӯби рузи мисвок май созам

اگر زاهد شوم از چوب رز مسواک می‌سازم

Ҷаҳонии гашт яксар куштаи чашми сияҳи масташ

جهانی گشت یکسر کشته چشم سیه‌مستش

Кафани андари шаҳид ӯ зи барги ток май созам

کفن اندر شهید او ز برگ تاک می‌سازم

Чунон мастами ман аз ҷоми хаёли бодаи шавқаш

چنان مستم من از جام خیال باده شوقش

Ки субҳи васл кӣ аз шоми ҳиҷри идрок май созам ? !

که صبح وصل کی از شام هجر ادراک می‌سازم؟!

Дарин водии зи сомони шикори ман чаҳ май пурсӣ

درین وادی ز سامان شکار من چه می‌پرسی

Ки аз сайди маъонии зинати фитрок май созам !

که از صید معانی زینت فتراک می‌سازم!

зи тоби шуълаи шавқи ту хокистар шудам лекин

ز تاب شعله شوق تو خاکستر شدم لیکن

Ғубори кулуфт аз ойӣнаи дили пок май созам

غبار کلفت از آیینه دل پاک می‌سازم

Хушо туғрули азин як мисраи баҳри сухани бедил

خوشا طغرل ازین یک مصرع بحر سخن بیدل

Ба завқи ҷустуҷӯят ҷайб ҳастӣ чок май созам

به ذوق جستجویت جیب هستی چاک می‌سازم