Оҳ аз ҷӯши сафои табъи маънии зои ман

آه از جوش صفای طبع معنی‌زای من

Занги ғами ойӣна сон бигрифта сар то пои ман !

زنگ غم آیینه‌سان بگرفته سر تا پای من!

Оқибат аз дасти найранги Зулайхои қадар

عاقبت از دست نیرنگ زلیخای قدر

Гӯшаи зиндон меҳнат шуд чу Юсуфи ҷои ман !

گوشه زندان محنت شد چو یوسف جای من!

Меҳри роҳат душманам гардӣда аз бахти сияҳ

مهر راحت دشمنم گردیده از بخت سیه

Дӯстонро нест ҳаргизи заррае пурвои ман !

دوستان را نیست هرگز ذره‌ای پروای من!

То шудам ман муҳаррами майхонаи базми вуҷӯд

تا شدم من محرم میخانه بزم وجود

Бода ъушрат нахоҳӣ ёфт аз минои ман !

باده عشرت نخواهی یافت از مینای من!

Муштарии иқболи назмам лек дар бозори даҳр

مشتری اقبال نظمم لیک در بازار دهر

Ҷузи қумош ғам набошад дайгарии савдои ман !

جز قماش غم نباشد دیگری سودای من!

Дастбанд даъвӣам буд ҳалқаи зулф батон

دستبند دعوی‌ام بود حلقه زلف بتان

Зон сабаб шуд баста безанҷир акнӯн пои ман !

زان سبب شد بسته بی‌زنجیر اکنون پای من!

Гаштам аз тӯҳмати асири дӯзахи қаҳри аду

گشتم از تهمت اسیر دوزخ قهر عدو

Ёд чун гулзори ҷинати манзилу мأўои ман !

یاد چون گلزار جنت منزل و مأوای من!

Туғрул аз ҷаври фалаки гаштами асири қайди ғам

طغرل از جور فلک گشتم اسیر قید غم

Гарна лутф ҳақ бибахшоед ба ҳолами вои ман !

گرنه لطف حق ببخشاید به حالم وای من!