Дилбарамро ҳаст гуё сайри саҳрои орзӯ

دلبرم را هست گویا سیر صحرا آرزو

Лоларо бошад аз он доғи сувидои орзӯ

لاله را باشد از آن داغ سویدا آرزو

Ҳар замони мади нигаҳро рухсат назора кун

هر زمان مد نگه را رخصت نظاره کن

Бошиддатгар аз ҷамол ӯ тамошои орзӯ

باشدت گر از جمال او تماشا آرزو

Як сухан аз лаъли ҷони бахшиши туро кофӣ буд

یک سخن از لعل جان‌بخشش تو را کافی بود

Гар буд дар дили туро эъҷози исои орзӯ

گر بود در دل تو را اعجاز عیسی آرزو

Ман гирифтор ваем булбули асири гул буд

من گرفتار ویم بلبل اسیر گل بود

Ҳар кро бошад ба дил навъе таманнои орзӯ

هر کرا باشد به دل نوعی تمنا آرزو

То туоне гир аз майхонаи чашмаши қадаҳ

تا توانی گیر از میخانه چشمش قدح

Гар туро бошад хаёли ҷому минои орзӯ

گر تو را باشد خیال جام و مینا آرزو

Гар азизи Мисрро муҳаррам шуд аммо кӣ буд

گر عزیز مصر را محرم شد اما کی بود

Ҷузи ҳавои ишқи Юсуф бо Зулайхои орзӯ ? !

جز هوای عشق یوسف با زلیخا آرزو؟!

Ҳалқаи занҷир ӯ аз ҳалқа чашмам кунед

حلقه زنجیر او از حلقه چشمم کنید

Гар буд ёри марои халхол дар пои орзӯ

گر بود یار مرا خلخال در پا آرزو

Хондаам бисёр аз лавҳи китоби нўхтон

خوانده‌ام بسیار از لوح کتاب نوخطان

Туғрули мо рост акнӯн хати тғрои орзӯ

طغرل ما راست اکنون خط طغرا آرزو