Дили пеши ту кашф роз карда

دل پیش تو کشف راز کرده

Девони ғами ту боз карда

دیوان غم تو باز کرده

Аз зулф ту мекунад ҳикоят

از زلف تو می‌کند حکایت

Афсонаи худ дароз карда

افسانه خود دراز کرده

Қонӯни ғамат ба савт « ушшоқ »

قانون غمت به صوت «عشاق»

Зеру Бами ишқ соз карда

زیر و بم عشق ساز کرده

Лаббайки занам ба тўФи Кувайт

لبیک زنم به طوف کویت

Оҳанги раҳ ҳиҷоз карда !

آهنگ ره حجاز کرده!

Лаъли лаби ту тбрздоро

لعل لب تو تبرزدآرا

Бе қадартар аз пиёз карда !

بی‌قدرتر از پیاز کرده!

Саррофи дукони ишқи мо ро

صراف دکان عشق ما را

Дар бутаи ғам гудоз карда !

در بوته غم گداز کرده!

Аз шухии ҷилваи тзрўст

از شوخی جلوه تذروست

Кони бахя ба чашм боз карда

کان بخیه به چشم باز کرده

Бедоду ситам ба ҳоли Маҳмӯд

بیداد و ستم به حال محمود

Зулфи сияҳ Аёз карда

زلف سیه ایاز کرده

Имрӯзи қазои зи номи туғрул

امروز قضا ز نام طغرل

Унвони сухан тароз карда

عنوان سخن طراز کرده