Аз ҳуҷуми ашк бар дарё гузар дорем мо

از هجوم اشک بر دریا گذر داریم ما

Решаи нахли умед аз чашм тар дорем мо

ریشه نخل امید از چشم تر داریم ما

Бас ки бошад ҷинси моро гармии бозори ғам

بس که باشد جنس ما را گرمی بازار غم

Гўиёи дуконӣ аз санг шарар дорем мо !

گوییا دکانی از سنگ شرر داریم ما!

Раҳравони ишқро зод дигар дар кор нест

رهروان عشق را زاد دگر در کار نیست

Тӯшае дар роҳаш аз хӯн ҷигар дорем мо

توشه‌ای در راهش از خون جگر داریم ما

Сози қонӯни муҳаббатро набошад зеру Бам

ساز قانون محبت را نباشد زیر و بم

Дар тариқи ишқи доими пои з сар дорем мо

در طریق عشق دائم پا ز سر داریم ما

Дӯш дар базми адаб будем сармасти тараб

دوش در بزم ادب بودیم سرمست طرب

Каз хумори бода акнӯн дард сар дорем мо

کز خمار باده اکنون درد سر داریم ما

Дидаи мо аз ғубори серума домангир шуд

دیده ما از غبار سرمه دامنگیر شد

Тўтё аз хоки поиш дар назар дорем мо !

توتیا از خاک پایش در نظر داریم ما!

Ғунчаи сони ҷамъияти дилҳо з дилбар доштем

غنچه‌سان جمعیت دل‌ها ز دلبر داشتیم

Дилбар мо рафт аз дил кӣ хабар дорем мо ? !

دلبر ما رفت از دل کی خبر داریم ما؟!

Он қадри омодаи шаҳд маъонӣ карда ем

آنقدر آماده شهد معانی کرده‌ایم

Банд дар банди сухан аз нешикар дорем мо !

بند در بند سخن از نیشکر داریم ما!

Куфр бошад дар сулӯки ишқи айби ошиқон

کفر باشد در سلوک عشق عیب عاشقان

Кӣ зи тири таънаи зоҳид ҳазар дорем мо ? !

کی ز تیر طعنه زاهد حذر داریم ما؟!

Туғрули осон кӣ буд ғаввосии баҳри сухан ? !

طغرل آسان کی بود غواصی بحر سخن؟!

Сар ба ҷайби фикр аз баҳр гуҳар дорем мо !

سر به جیب فکر از بهر گهر داریم ما!