То ба рухсор чу моҳ ӯ назар дорем мо

تا به رخسار چو ماه او نظر داریم ما

Як ҷаҳони ойӣна аз ҷавҳар ба бар дорем мо !

یک جهان آیینه از جوهر به بر داریم ما!

Ғунчаи лаъли лабашро ҳоҷат тафсил нест

غنچه لعل لبش را حاجت تفصیل نیست

Нусхае аз дафтар ӯ мухтасар дорем мо !

نسخه‌ای از دفتر او مختصر داریم ما!

эй насиҳат гӯ магӯ ҳаргизи марои дарси адаб !

ای نصیحت‌گو مگو هرگز مرا درس ادب!

Ҷузи сулӯки ишқи дигар кӣ ҳунар дорем мо ? !

جز سلوک عشق دیگر کی هنر داریم ما؟!

Ашки хунин аз фироқаш гарчи тӯфон ме кунад

اشک خونین از فراقش گرچه طوفان می‌کند

Чашм май пӯшами зини дарё гузар дорем мо

چشم می‌پوشم زین دریا گذر داریم ما

Ҳеҷ кас бе арзи изҳори камол хеш нест

هیچ کس بی‌عرض اظهار کمال خویش نیست

Лолаи сон аз доғи ишқ ӯ асар дорем мо !

لاله‌سان از داغ عشق او اثر داریم ما!

Бас буд пероҳани мо кисвати хок дараш

بس بود پیراهن ما کسوت خاک درش

Ҷомае ҳрдми зи урёнӣ ба бар дорем мо

جامه‌ای هردم ز عریانی به بر داریم ما

Ҳарчӣ ҷузи рӯйиш буд манзури ошиқ гӯ мабош

هرچه جز رویش بود منظور عاشق گو مباش

Олимиро ғайр ӯ кӣ дар назар дорем мо ? !

عالمی را غیر او کی در نظر داریم ما؟!

Нест ғайр аз шоми навмидӣ ба арзи муддао

نیست غیر از شام نومیدی به عرض مدعا

Дар нафаси кофур гуё чун саҳар дорем мо !

در نفس کافور گویا چون سحر داریم ما!

Баъди азин чун мо наравед ҳеҷ дар боғи сухан

بعد ازین چون ما نروید هیچ در باغ سخن

Нахл ашъорем ва аз маънӣ самар дорем мо !

نخل اشعاریم و از معنی ثمر داریم ما!

Офарин бар мисраи бедил ки туғрул гуфта аст

آفرین بر مصرع بیدل که طغرل گفته است

Ҳасрати дидору сомон сафар дорем мо

حسرت دیدار و سامان سفر داریم ما