Ҳар кас ки рух ту дид ҷоно

هر کس که رخ تو دید جانا

Ошиқ ба ту гашти он змоно

عاشق به تو گشت آن زمانا

Мурғи дили сад ҳазор ошиқ

مرغ دل صد هزار عاشق

Дар қайд ту шуд зи баҳри доно

در قید تو شد ز بحر دانا

Тири нигаҳати гузашт аз ҷон

تیر نگهت گذشت از جان

Абрӯии каҷи ту чун кмоно !

ابروی کج تو چون کمانا!

Хӯн шуд дили мо чаро нагӯйӣ

خون شد دل ما چرا نگویی

Ҳарфии зи вафо аз он дҳоно ? !

حرفی ز وفا از آن دهانا؟!

Аз чин ҷабин туаст маълум

از چین جبین توست معلوم

Ранҷидаи зи ошиқон ҳамоно

رنجیده ز عاشقان همانا

Тасдиқ макун тасаввурӣ кун

تصدیق مکن تصوری کن

Он нуқтаи мо зи дшмноно !

آن نقطه ما ز دشمنانا!

Гашта ба ҷаҳони фасонаи туғрул

گشته به جهان فسانه طغرل

Бо тири маломат ӯ ншоно !

با تیر ملامت او نشانا!