Агар ба гӯшаи чашмӣ назар кунӣ мо ро

اگر به گوشه چشمی نظر کنی ما را

Ба як нигоҳ кунӣ сайди хеши дилҳоро !

به یک نگاه کنی صید خویش دل‌ها را!

Ҳазор обиду зоҳид ҳаме шавад май нӯш

هزار عابد و زاهد همی‌شود میْ‌نوش

Ба маҳфилӣ ки тугирӣ ба дасти саҳборо !

به محفلی که تو گیری به دست صهبا را!

Ба тавқи бандагии гардан наад чу қамарии сарв

به طوق بندگی گردن نهد چو قمری سرو

Бибинад ар ба чамани ин қади дили ороро !

ببیند ار به چمن این قد دل‌آرا را!

Кашида мардуми чашмат барои қатлами тир

کشیده مردم چشمت برای قتلم تیر

Куҷои раҳам ки занад новаки ту анқоро !

کجا رهم که زند ناوک تو عنقا را!

Машоми ҷону дил аз накҳати ту тар гардад

مشام جان و دل از نکهت تو تر گردد

Агар ба боди диҳии зулфи ънбросоро !

اگر به باد دهی زلف عنبرآسا را!

Сенаии пери харобот боядам гуфтан

سنای پیر خرابات بایدم گفتن

Ки дод бо ман махмури пои хами ҷоро !

که داد با من مخمور پای خُم‌جا را!

Биор соқии қадаҳро чаҳ ҷой эҳмол аст

بیار ساقی قدح را چه جای اهمال است

Ба раҳни бодаи даҳуми хирқаи мусаллоро !

به رهن باده دهم خرقه مصلا را!

Шаҳиди ханҷари мижгон ӯ шудам туғрул

شهید خنجر مژگان او شدم طغرل

Бикаш зи турбати мангар гузар кунӣ поро !

بکش ز تربت من گر گذر کنی پا را!