Агар инаст бо хубони олами ошноӣ ҳо
اگر اینست با خوبان عالم آشناییها
Тавон кардан чу неи фарёд аз дасти ҷудоӣ ҳо
توان کردن چو نی فریاد از دست جداییها
Наомад заврақи ман дар канори соҳили васлаш
نآمد زورق من در کنار ساحل وصلش
Ба баҳри ишқ ҳар чанде ки кардам нохудоиҳо !
به بحر عشق هر چندی که کردم ناخداییها!
Тавон дарёфт аз мазмуни ман кӯтоҳии фикрам
توان دریافت از مضمون من کوتاهی فکرم
Ки нахлашро мисл кардам ба шамшод аз расое ҳо
که نخلش را مثل کردم به شمشاد از رساییها
Ба рӯй хеш то кардӣ дучори ойӣнаи ҳайронам
به روی خویش تا کردی دچار آیینه حیرانم
Ки ҷавҳарро наме зебади ҷило аз худнамоеҳо !
که جوهر را نمیزیبد جلا از خودنماییها!
Вафо чун умри ман эй бе вафои ҳаргиз наме созӣ
وفا چون عمر من ای بیوفا هرگز نمیسازی
Магар аз умри омӯзии ту расм бевафоеҳо ? !
مگر از عمر آموزی تو رسم بیوفاییها؟!
Ба хоки орм ба зӯри панҷаи гуфтори ағёрат
به خاک آرم به زور پنجه گفتار اغیارت
Агар дар ишқи ту бо ман кунад зӯрозмоиҳо !
اگر در عشق تو با من کند زورآزماییها!
Биҳамдиллоҳ ки бо дайри муҳаббати муршидами туғрул
بحمدالله که با دیر محبت مرشدم طغرل
Ба меолӯда кардам перҳан аз порсоеҳо !
به می آلوده کردم پیرهن از پارساییها!