Рафтани ҳуш аз серум то сорибон маҳмил аст
رفتن هوش از سرم تا ساربان محمل است
Ноқаи шавқи маро дар хоки маҷнӯн манзил аст
ناقه شوق مرا در خاک مجنون منزل است
Он қадри мастам ки нашиносам ҷунунро аз хирад
آنقدر مستم که نشناسم جنون را از خرد
Нашъаи ҷоми шароби ман зи ангур дил аст
نشئه جام شراب من ز انگور دل است
Қатраи хӯнӣ ки аз захми дил ман ме чакад
قطره خونی که از زخم دل من میچکد
Нест хӯн ӯ шабнамӣ аз шарми теғ қотиласт !
نیست خون او شبنمی از شرم تیغ قاتل است!
Дорам аз фикри баланди хеши мазмуни баланд
دارم از فکر بلند خویش مضمون بلند
Сад Флотўн аз кшод маънӣам по дар гуласт !
صد فلاطون از کشاد معنیام پا در گل است!
Шукри аллоҳи Форси майдони ашъорам кунун
شکر الله فارس میدان اشعارم کنون
Нуктаи сарбастаи ман лоиқ ҳар маҳфил аст
نکته سربسته من لایق هر محفل است
Аз румузи маънии ман срсрӣ натавон гузашт
از رموز معنی من سرسری نتوان گذشت
Ғайри мазмун аз каломам ҳарчӣ фаҳмӣ ботил аст
غیر مضمون از کلامم هرچه فهمی باطل است
Бастаам мазмун ки аз инсоф гуяд мустамеъ
بستهام مضمون که از انصاف گوید مستمع
Ин ҳамаи рамзи ошноиҳо зи фикр туғруласт !
این همه رمز آشناییها ز فکر طغرل است!