Ҳоҷати ман дар ду олами ҷузи гул рӯй ту нест

حاجت من در دو عالم جز گل روی تو نیست

Равзаи ризвони ман ғайр аз сари кӯй ту нест !

روضه رضوان من غیر از سر کوی تو نیست!

Аз тавофи каъбау дайру ҳарами моро чаҳ ҳазз ? !

از طواف کعبه و دیر و حرم ما را چه حظ؟!

Масҷиду миҳроби ман ғайр аз сари кӯй ту нест !

مسجد و محراب من غیر از سر کوی تو نیست!

Як дамӣ осӯда набӯд ин дили маҷрӯҳи ман

یک دمی آسوده نبود این دل مجروح من

Лаҳзае холии зи савдои такопуӣ ту нест !

لحظه‌ای خالی ز سودای تکاپوی تو نیست!

Обу тоби сунбули зулф батон дидам вале

آب و تاب سنبل زلف بتان دیدم ولی

Печу тоби турраи мрғўлаҳи мӯӣ ту нест !

پیچ و تاب طره مرغوله موی تو نیست!

Бо нигоҳии хонаи дилро мунаввар ме кунӣ

با نگاهی خانه دل را منور می‌کنی

Ваа ки кӯҳли дӯстӣ дар чашми ҷодӯӣ ту нест !

وه که کحل دوستی در چشم جادوی تو نیست!

Чашми ибратро кшодм бо тамошои чаман

چشم عبرت را کشادم با تماشای چمن

Қомати шамшод ҳамчун қади дилҷӯй ту нест !

قامت شمشاد همچون قد دلجوی تو نیست!

Дидаам имрӯзи як як шоирони рӯзгор

دیده‌ام امروز یک‌یک شاعران روزگار

Шоирӣ чун туғрули зору дуъогӯӣ ту нест !

شاعری چون طغرل زار و دعاگوی تو نیست!