Шаб ки дар дили акси хуршеди рух ӯ ҷо гирифт

شب که در دل عکس خورشید رخ او جا گرفت

Зулмат ҳар зарраам боҷ аз яд Байзо гирифт

ظلمت هر ذره‌ام باج از ید بیضا گرفت

Сарфарозонро ба олами ҷӯи тавозуъ чора нест

سرفرازان را به عالم جو تواضع چاره نیست

Дарси таълими адаб май бояд аз мино гирифт !

درس تعلیم ادب می‌باید از مینا گرفت!

Дар тариқи ишқ аз саъии талаб ғофил мабош

در طریق عشق از سعی طلب غافل مباش

Мавҷ бо ин ҷаҳди охири доман дарё гирифт !

موج با این جهد آخر دامن دریا گرفت!

Куфру имон ҳар ду яксонаст андари чашми ман

کفر و ایمان هر دو یکسان است اندر چشم من

Аз май ӯ бар серуми ин нашъа то боло гирифт

از می او بر سرم این نشئه تا بالا گرفت

Сӯзани марҳам агар борӣк аз фикр ман аст

سوزن مرهم اگر باریک از فکر من است

Хори роҳи ишқро кӣ ме тавон аз по гирифт ? !

خار راه عشق را کی می‌توان از پا گرفت؟!

Дар дабистон ҷунун будам ба маҷнӯни ҳам сабақ

در دبستان جنون بودم به مجنون هم‌سبق

Ман муқӣми шаҳри гаштам ӯ раҳ саҳро гирифт

من مقیم شهر گشتم او ره صحرا گرفت

Раҳм наомад бо ту ҳеҷ аз нолаҳои зори ман

رحم نآمد با تو هیچ از ناله‌های زار من

Аз дилати таълими сахтии шиша хоро гирифт

از دلت تعلیم سختی شیشه خارا گرفت

Пурсиши бемор бояд кардгар худ душман аст

پرسش بیمار باید کرد گر خود دشمن است

Ҳеҷ нишнидӣ Сикандар чун сар доро гирифт ? !

هیچ نشنیدی سکندر چون سر دارا گرفت؟!

То шудам рамзи ошнои нуқтаҳои бе нишон

تا شدم رمز آشنای نقطه‌های بی‌نشان

Сайди маънии туғрулам аз панҷа анқо гирифт

صید معنی طغرلم از پنجه عنقا گرفت