Оқибати абрӯии ту тороҷ имон кард ва рафт

عاقبت ابروی تو تاراج ایمان کرد و رفت

Чашми махмурати зи мастии ғорат ҷон кард ва рафт

چشم مخمورت ز مستی غارت جان کرد و رفت

Каъбаи дилро рахти бгдохт вайрон кард ва рафт

کعبه دل را رخت بگداخت ویران کرد و رفت

Шарбати лаълати халал дар шкрстон кард ва рафт

شربت لعلت خلل در شکرستان کرد و رفت

Акси рухсори ту сад ойӣна ҳайрон кард ва рафт

عکس رخسار تو صد آیینه حیران کرد و رفت

Бас ки зоҳид оварад бо тоқи абрӯяти суҷуд

بس که زاهد آورد با طاق ابرویت سجود

Зуҳра аз тоби ҷамолати нағмау афғони сурӯд

زهره از تاب جمالت نغمه و افغان سرود

Заррае аз партави ҳасанат ба Юсуф рӯ намӯд

ذره‌ای از پرتو حسنت به یوسف رو نمود

Сад Зулайхо дар раҳаш афтод рух дар хоки суд

صد زلیخا در رهش افتاد رخ در خاک سود

Варна Юсуфро фироқати маҳв зиндон кард ва рафт

ورنه یوسف را فراقت محو زندان کرد و رفت

Дам ба дам аз накҳатати боди сабои орад ба ман

دم به دم از نکهتت باد صبا آرد به من

Қомати зулф кажат бишикаст бозори чаман

قامت زلف کژت بشکست بازار چمن

Аз хиҷолати сар ба зери афканди сарви ёсуман

از خجالت سر به زیر افکند سرو یاسمن

Аз савод ?наргаст бепарда шуд машки хутан

از سواد نرگست بی‌پرده شد مشک ختن

Тори гесуии ту сунбулро парешон кард ва рафт

تار گیسوی تو سنبل را پریشان کرد و رفت

Аз фироқати лаълу ёқӯту садаф дарё гирифт

از فراقت لعل و یاقوت و صدف دریا گرفت

Булбул аз шавқи гули рӯяти чаман мأўо гирифт

بلبل از شوق گل رویت چمن مأوا گرفت

Оҳӯ аз шасти хадангати доман саҳро гирифт

آهو از شست خدنگت دامن صحرا گرفت

Ҳарки аз майхонаи чашми ту як саҳбо гирифт

هرکه از میخانه چشم تو یک صهبا گرفت

Ҳамчуи маҷнӯни умрҳо сар дар биёбон кард ва рафт

همچو مجنون عمرها سر در بیابان کرد و رفت

Лаб ба зикри мадҳи ту зебо тараннум ме кунад

لب به ذکر مدح تو زیبا ترنم می‌کند

Ғунчаи табъам ба тавсифи ту ҷонои бушковад

غنچه طبعم به توصیف تو جانا بشکفد

Қоматам аз лоғарӣ чу бед ҳар сӯ май хамад

قامتم از لاغری چو بید هر سو می‌خمد

Инчунин раънои туро кардаст султони аҳад

اینچنین رعنا تو را کردست سلطان احد

Хомаи тақдирро хати ту ҳайрон кард ва рафт !

خامه تقدیر را خط تو حیران کرد و رفت!

Раҳм кӣ дорад ду абрӯяти зи қатли мардумон

رحم کی دارد دو ابرویت ز قتل مردمان

Ханҷари мижгони ту сад рахна зад бо қалбу ҷон

خنجر مژگان تو صد رخنه زد با قلب و جان

намерибоед ҳушам аз сари мардуми чашмати чунон

می‌رباید هوشم از سر مردم چشمت چنان

намекашад зуннори зулфати дайни зи дастам ҳар замон

می‌کشد زنار زلفت دین ز دستم هر زمان

Кишвари малики вуҷӯдам коФрстон кард ва рафт !

کشور ملک وجودم کافرستان کرد و رفت!