То ба боғи ҳасани нахл қоматат шуд ҷилва гар

تا به باغ حسن نخل قامتت شد جلوه‌گر

Шохи тӯбои гашт аз бори хиҷолати пурсамар

شاخ طوبی گشت از بار خجالت پرثمر

зи оташи ғами сӯхти қамариро саропои болу пар

ز آتش غم سوخت قمری را سراپا بال و پر

Сарву шамшоду санавбари пеши поти андохти сар

سرو و شمشاد و صنوبر پیش پات انداخت سر

Чашм наргис шуд ба сӯии бодаи ҳайрати асар

چشم نرگس شد به سوی باده حیرت اثر

Сунбул аз зулфи чилипояти парешон ҳол шуд

سنبل از زلف چلیپایت پریشان‌حال شد

Сӯсан аз тарзи адояти маҳви гашт ва лол шуд

سوسن از طرز ادایت محو گشت و لال شد

Ғунча аз хандидани лаъли лабат беҳол шуд

غنچه از خندیدن لعل لبت بی‌حال شد

Аз такаллум карданати танги шукр помол шуд

از تکلم کردنت تنگ شکر پامال شد

Дар чаман эй шӯхи афкандии ту ошӯб дигар !

در چمن ای شوخ افکندی تو آشوب دگر!

Кофари он наргиси афсунгари бимортм

کافر آن نرگس افسونگر بیمارتم

Зоири бтхонаҳ ва ҳам толиби знортм

زائر بتخانه و هم طالب زنارتم

Дил макун аз ман ки эй бдмҳри ман дар картам

دل مکن از من که ای بدمهر من در کارتم

Куштаи мижгони нозу мардуми хўнхўортм

کشته مژگان ناز و مردم خونخوارتم

Аз раҳи шафқати худоро бар сари хоками гузар !

از ره شفقت خدا را بر سر خاکم گذر!

Ғайрро бо рағми ман сармаст ҷомат ме кунӣ

غیر را با رغم من سرمست جامت می‌کنی

Бар серум ҳар лаҳзаи теғ бенёмт ме кунӣ

بر سرم هر لحظه تیغ بی‌نیامت می‌کنی

Шӯру ғавғои қиёмат аз қиёмат ме кунӣ

شور و غوغای قیامت از قیامت می‌کنی

Слслу дроҷро акнӯн ғуломат ме кунӣ

صلصل و دراج را اکنون غلامت می‌کنی

Бас ки набӯд ҳеҷ нахлӣ чун қадат бо зебу фар !

بس که نبود هیچ نخلی چون قدت با زیب و فر!

Лимуии сафроӣ ман бошад туранҷи ғабғабат

لیموی صفرای من باشد ترنج غبغبت

Қӯти ҷону қӯти дили шавқи ёқӯти лабат

قوت جان و قوت دل شوق یاقوت لبت

Рӯзи ҳиҷронами сияҳ аз даврии зулфи шабат

روز هجرانم سیه از دوری زلف شبت

Фани зулми омухти устоди ту андари мактабат

فن ظلم آموخت استاد تو اندر مکتبت

Ҳоли бдомўзи ту бодои зи ҳоли ман бтар !

حال بدآموز تو بادا ز حال من بتر!

Гули қабои хешро сад чок зад аз рӯй ту

گل قبای خویش را صد چاک زد از روی تو

Хӯн шуд андари нофи оҳӯи машк аз гесуии ту

خون شد اندر ناف آهو مشک از گیسوی تو

Шуълаи ҷувола хокистар шавад аз хуии ту

شعله جواله خاکستر شود از خوی تو

Рашк ояд боғи ҷинатро зи хоки кӯии ту

رشک آید باغ جنت را ز خاک کوی تو

Муҳаррами хок дарат дорад зи сад ҷинати гузар !

محرم خاک درت دارد ز صد جنت گذر!

Дарси эҳё аз масеҳои лаъли ҷони бахшати барад

درس احیا از مسیحا لعل جان‌بخشت برد

Пардаи хуршедро анвори рухсорати дард

پرده خورشید را انوار رخسارت درد

Гар Зулайхои ҳасан ту бинад з Юсуф бугзарад

گر زلیخا حسن تو بیند ز یوسف بگذرد

Кӯҳкан бо ёди лаълати ҷон ширин биспурад

کوهکن با یاد لعلت جان شیرین بسپرد

Зонкаҳ бошад лаъли ширини ту ширин аз шукр !

زآنکه باشد لعل شیرین تو شیرین از شکر!

Ман азони рӯзӣ ки бо қайди ҷунуни побсттм

من ازآن روزی که با قید جنون پابستتم

Аз май ҷоми муҳаббат то қиёмати мсттм

از می جام محبت تا قیامت مستتم

Ҳамчуи моҳӣ дар муҳӣти ғам ба қайди шсттм

همچو ماهی در محیط غم به قید شستتم

Ҳарчӣ май хоҳӣ ҳамон кун бандаам дар дсттм

هرچه می‌خواهی همان کن بنده‌ام در دستتم

Хешро таслим кардам бо ту аз по то ба сар !

خویش را تسلیم کردم با تو از پا تا به سر!

Арғавони зори ҷамолатгар дамӣ шухӣ кунад

ارغوان زار جمالت گر دمی شوخی کند

Шоҳиди гул аз хиҷолати ҷомаро бар тани дард

شاهد گل از خجالت جامه را بر تن درد

Мардуми чашмат ба тири ғамза оҳӯ ме занад

مردم چشمت به تیر غمزه آهو می‌زند

Назми туғрули бас буд бо даъвии ҳасанати санад

نظم طغرل بس بود با دعوی حسنت سند

Бас ки хубонро ҳамеи орад ба хӯбӣ дар назар

بس که خوبان را همی‌آرد به خوبی در نظر

То сияҳ шуд лола аз дӯди чароғи ғами дилаш

تا سیه شد لاله از دود چراغ غم دلش

Аз ситамҳои ту охир шуд ба саҳрои манзилаш

از ستم‌های تو آخر شد به صحرا منزلش

Кардӣ бо теғи ҷафо эй бе муруввати бсмлш

کردی با تیغ جفا ای بی‌مروت بسملش

Ҳаркии дилро дар ҳавоят дод ин шуд ҳосилаш

هرکه دل را در هوایت داد این شد حاصلش

Кард аз дасти ту андари гӯшаи азлати мақар

کرد از دست تو اندر گوشه عزلت مقر