Басаст шамъи қаноат чун маскани мо ро
بس است شمع قناعت چون مسکن ما را
Чаро бмҳр буд чашми равзани мо ро
چرا بمهر بود چشم روزن ما را
Кашид хиҷлат бебаррагӣ аз хазони чандон
کشید خجلت بی برگی از خزان چندان
Ки кард оби арақи сабзи гулшани мо ро
که کرد آب عرق سبز گلشن ما را
Сиёҳи боди рухи муфлисии баҳри ду ҷаҳон
سیاه باد رخ مفلسی بهر دو جهان
Ки ноумеди з мо кард раҳзани мо ро
که ناامید ز ما کرد رهزن ما را
Зхлқи ёварии ҳам шудааст расми қадим
زخلق یاوری هم شده است رسم قدیم
Магар ббод диҳад барқи хирмани мо ро
مگر بباد دهد برق خرمن ما را
Задуд машъали золими ҳам ин ситам бас нест
زدود مشعل ظالم هم این ستم بس نیست
Ки кардааст сияҳи чашми равшани мо ро
که کرده است سیه چشم روشن ما را
Куҷост рустами ҳиммат ки то зи чоҳи амл
کجاست رستم همت که تا ز چاه امل
براردи ин дили сахт чу биҷни мо ро
برآرد این دل سخت چو بیجن ما را
Камар набандад илоҳии камари бкин бастан
کمر نبندد الهی کمر بکین بستن
Ки ӯ ба кӣнаи камари бастаи душмани мо ро
که او به کینه کمر بسته دشمن ما را
зи ҷон ба ҷомаи пашмин фақри тани додем
ز جان به جامه پشمین فقر تن دادیم
Басаст ҷомаи фахрии ҳамин тани мо ро
بس است جامه فاخر همین تن ما را
Буд зи кӯтаҳии тешаи толиби воъиз
بود ز کوتهی تیشه طالب واعظ
Ки гаштааст ба сари хоки маъдани мо ро
که گشته است به سر خاک معدن ما را