Ранги сурхи одамиро мекунад зарди эҳтиёҷ

رنگ سرخ آدمی را میکند زرد احتیاج

Рӯй гарми дӯстонро , мекунад сарди эҳтиёҷ

روی گرم دوستان را، میکند سرد احتیاج

эй басои рӯҳо ки кард аз ранги хиҷлати ғозаи дор

ای بسا روها که کرد از رنگ خجلت غازه دار

Карда мардонро басии номард , номарди эҳтиёҷ !

کرده مردان را بسی نامرد، نامرد احتیاج!

Зоҳир аз симои нахл ташна мегардад ки чун

ظاهر از سیمای نخل تشنه می گردد که چون

Чеҳраи озодагонро мекунад зарди эҳтиёҷ

چهره آزادگان را میکند زرد احتیاج

Арра дар по з омад ва рафт дар дунони ниҳод

اره در پا ز آمد و رفت در دونان نهاد

Нахли иззатҳо басӣ аз пои дароварди эҳтиёҷ

نخل عزتها بسی از پا درآورد احتیاج

Пеши соҳибдил ки медонад зиёну суди хеш

پیش صاحبدل که میداند زیان و سود خویش

Ҳаст дилҳоро зи дармони бештари дарди эҳтиёҷ

هست دلها را ز درمان بیشتر درد احتیاج

Кӣса то гардид пар , дил шуд зи ёди ҳақи тиҳӣ

کیسه تا گردید پر، دل شد ز یاد حق تهی

Ончӣ бо мо бениёзӣ кард , кӣ кард эҳтиёҷ !

آنچه با ما بی نیازی کرد، کی کرد احتیاج!

Лиззати шаҳди қаноатро бкомш то расонад

لذت شهد قناعت را بکامش تا رساند

Воъизи моро зи лиззатҳо ғанӣ кард эҳтиёҷ

واعظ ما را ز لذتها غنی کرد احتیاج